GST Council का बड़ा कदम नया GST फ्रेमवर्क जल्द लागू होगा
भारत के टैक्स स्ट्रक्चर में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव आने वाला है। GST Council ने तीन Group of Ministers (GoMs) का गठन किया है, जो 20 और 21 अगस्त को बैठक करेंगे। इस बैठक में केंद्र सरकार के प्रस्तावित Revised GST Framework पर चर्चा होगी।
GoMs की भूमिका और सिफारिशें
- तीनों GoMs की सिफारिशें GST Council को भेजी जाएंगी।
- दरों का सरलीकरण, बीमा, और मुआवजा उपकर से जुड़े मुद्दों पर विचार होगा।
- उम्मीद है कि दिवाली तक नए फ्रेमवर्क को मंजूरी मिल जाएगी।

नया GST फ्रेमवर्क कैसा होगा?
सरकार दरों को सरल बनाने पर जोर दे रही है। प्रस्तावित बदलाव इस प्रकार हैं:
✔ 12% और 28% स्लैब खत्म कर दिए जाएंगे।
✔ केवल 5% और 18% GST रेट बरकरार रहेंगे।
✔ 12% स्लैब वाले ज्यादातर प्रोडक्ट 5% में शिफ्ट होंगे, जबकि कुछ को 18% में ले जाया जाएगा।
✔ सबसे ऊँचा GST रेट 40% तक रहेगा, लेकिन केवल खास प्रोडक्ट्स के लिए।
अधिकारियों के मुताबिक, इस रेट स्ट्रक्चर से खपत बढ़ेगी और Revenue का नुकसान आंशिक रूप से पूरा हो जाएगा।
आम जनता और MSME पर असर
सरकार का दावा है कि यह बदलाव आम जनता, किसानों, मध्यम वर्ग और MSME सेक्टर के हितों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य अमेरिका और टैरिफ का मुद्दा
भले ही अमेरिका ने हाल ही में Indian Export पर भारी टैरिफ लगाए हैं, लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव लंबे समय से लंबित था और इसका अमेरिकी कदम से कोई संबंध नहीं है।
GST Restructuring पहली बार
- 20 अगस्त को Revenue Department तीनों GoMs को प्रेजेंटेशन देगा।
- यह पहली बार है जब केंद्र ने GST के बड़े सुधार का प्रस्ताव दिया है।
राज्यों का रुख
रेट रैशनलाइजेशन पैनल में Kerala, Uttar Pradesh, Rajasthan, West Bengal, Bihar और Karnataka के मंत्री शामिल हैं।
- केरल के पूर्व वित्त मंत्री Thomas Isaac ने इस फ्रेमवर्क को Revenue के लिए विनाशकारी बताया।
- लेकिन केंद्र को भरोसा है कि राज्य इस सुधार का समर्थन करेंगे।
Petrol-Diesel और Alcohol की स्थिति
फिलहाल Petrol, Diesel और Alcohol को GST में लाने का कोई प्लान नहीं है। इन पर राज्य-स्तरीय VAT और Excise Duty ही जारी रहेगी।
कब लागू होगा नया GST Framework?
सरकार को उम्मीद है कि यह नया स्ट्रक्चर अक्टूबर के अंत तक यानी दिवाली तक लागू हो जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने Independence Day Speech में भी इस बड़े बदलाव का जिक्र किया था।
निष्कर्ष
अगर यह फ्रेमवर्क लागू होता है, तो यह भारत के टैक्स सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा सुधार माना जाएगा। इसका असर कंज्यूमर, MSME और इकोनॉमी पर व्यापक होगा।
