हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Dr Agarwal’s Eye Hospital Ltd के शेयरों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। स्टॉक में 18% तक की गिरावट आई और यह ₹4,231 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। ख़बर लिखे जाने तक भी कंपनी के शेयर लाल निशान में ही ट्रेड कर रहे थे।
यह गिरावट कंपनी और Dr Agarwal’s Healthcare के बीच मर्जर की घोषणा के बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्टॉक अपने 52-वीक हाई से अब तक लगभग 38% टूट चुका है।
मर्जर क्यों हो रहा है?
कंपनी का कहना है कि इस मर्जर से दोनों संस्थाएं:
एक टीम के तहत ज्यादा कुशल तरीके से काम कर पाएंगी
तेजी से फैसले ले सकेंगी
लागत कम होगी और समय बचेगा
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और वित्तीय मैनेजमेंट बेहतर होगा
यह मर्जर प्लान तभी लागू होगा जब दोनों कंपनियों के शेयरधारक और रेग्युलेटरी अथॉरिटीज़ इसे मंजूरी देंगे।

मर्जर की शर्तें और शेयर स्वैप रेशियो
डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल के शेयरधारकों को:
प्रत्येक 2 शेयर (₹10 फेस वैल्यू) के बदले
Dr Agarwal Healthcare में 23 नए शेयर (₹1 फेस वैल्यू) मिलेंगे।
कंपनी ने यह भी कहा कि शेयर-स्वैप रेशियो सभी हितधारकों के लिए फेयर है और भविष्य के विकास को मजबूत करने में मदद करेगा।
कैसे होगा फंडिंग का इंतजाम?
Dr Agarwal’s Healthcare ने 1.32 लाख नए शेयर (₹5,270 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर) जारी करने का निर्णय लिया है, जिससे कंपनी ₹70 करोड़ रुपये जुटाएगी। ये नए शेयर कंपनी के कुल स्वामित्व का करीब 2.7% हिस्सा होंगे।
निवेशकों के लिए इसका मतलब क्या है?
कंपनी का दावा है कि मर्जर के बाद
ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी
लागत में कटौती होगी
लॉन्ग-टर्म वैल्यू में सुधार होगा
पहले साल से ही EPS (Earnings Per Share) में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
कंपनी के सीईओ डॉ. आदिल अग्रवाल ने कहा कि यह मर्जर कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है जो उन्हें भारत और ग्लोबल मार्केट में मजबूत पोजिशन दिलाने में मदद करेगा।
स्टॉक पर असर
- इंट्राडे लो ₹4,231
- हाई से गिरावट 38%
- फंड जुटाने का प्लान ₹70 करोड़ (नए शेयर जारी करके)
विश्लेषण शॉर्ट-टर्म में निवेशकों को दबाव झेलना पड़ सकता है, लेकिन मर्जर सफल होने पर लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए यह डील पॉजिटिव मानी जा रही है।
