रामदेव अग्रवाल भारत के शेयर बाजार में नया स्ट्रक्चरल ग्रोथ साइकिल
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार अब एक नए स्ट्रक्चरल ग्रोथ साइकिल में प्रवेश कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह फेज पहले से ज्यादा मजबूत, गहरा और टिकाऊ साबित हो सकता है।
रामदेव अग्रवाल का निवेशकों के लिए मैसेज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा:
- निवेशक पोर्टफोलियो बनाते समय विवेकपूर्ण और सेलेक्टिव अप्रोच अपनाएं।
- स्टॉक्स चुनते समय बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग और सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों को प्राथमिकता दें।
- मौजूदा माहौल में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करने वालों के लिए शानदार अवसर मौजूद है।

बाज़ार विशेषज्ञों की राय
उनकी इस टिप्पणी पर मार्केट एक्सपर्ट्स और निवेशकों की ओर से प्रतिक्रियाएं आईं।
एक यूज़र ने लिखा:
“कुछ बेहतरीन बिजनेस चुनें, धैर्य रखें और कंपाउंडिंग को अपना काम करने दें, क्योंकि असली दौलत समझदारी से बैठे रहने से आती है।”
दूसरे यूज़र ने कहा:
“स्ट्रक्चरल साइकिल के लिए सिर्फ सेंटीमेंट नहीं, बल्कि फंडामेंटल बदलाव जरूरी हैं। जैसे-जैसे वैल्यूएशन बढ़ रहे हैं, सेलेक्शन और भी महत्वपूर्ण हो रहा है।”
रामदेव अग्रवाल की फिलॉसफी
- वे हमेशा वैल्यू इन्वेस्टिंग और कंपाउंडिंग ग्रोथ के पक्षधर रहे हैं।
- उनका मानना है: “अपनी रिसर्च करें, अच्छे स्टॉक्स चुनें, और फिर धैर्य रखें।”
यह बयान साफ इशारा करता है कि अगला बड़ा ग्रोथ साइकिल लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गोल्डन पीरियड हो सकता है।
