भारतीय डेरिवेटिव मार्केट में बड़ा बदलाव, 1 सितंबर से लागू होंगी नई फ्रीज लिमिट्स
भारतीय बाजार में इंडेक्स डेरिवेटिव्स (Index Derivatives) के नियमों में 1 सितंबर 2025 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। NSE ने 29 अगस्त को जारी सर्कुलर में इन संशोधनों की जानकारी दी।
नई Freeze Limit Details
संशोधित फ्रेमवर्क के अनुसार प्रमुख सूचकांकों (Major Indices) के लिए लागू फ्रीज लिमिट इस प्रकार होंगी:
- Bank Nifty 900
- Nifty 50 1,800
- FinNifty 1,800
- Nifty Midcap Select 2,800
- Nifty Next 50 600

पहले की लिमिट (1 जुलाई से लागू)
- Bank Nifty – 600
- Nifty 50 – 1,800
- FinNifty – 1,800
- Midcap Nifty – 2,800
- Nifty Next 50 – 600
इस बदलाव के बाद Bank Nifty Futures और Options के लिए ऑर्डर साइज लिमिट बढ़ गई है, जबकि अन्य कॉन्ट्रैक्ट्स में कोई बदलाव नहीं हुआ।
यह बदलाव क्यों किया गया?
फ्रीज लिमिट का उद्देश्य है
- गलत या असामान्य रूप से बड़े ऑर्डर्स को रोकना
- मार्केट स्टेबिलिटी बनाए रखना
- “Fat Finger” Trades के रिस्क को कम करना
Futures & Options Contracts में अधिकतम ऑर्डर साइज तय करके एक्सचेंज बाजार के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करता है।
NSE की सलाह
NSE ने सभी ट्रेडिंग मेंबर्स को निर्देश दिया है कि वे 1 सितंबर से पहले अपने सिस्टम को अपडेट करें।
- अपडेटेड कॉन्ट्रैक्ट फाइल्स NSE एक्स्ट्रानेट सर्वर और NSE वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
- ये नई लिमिट्स सभी इंडेक्स डेरिवेटिव्स ट्रेड्स पर लागू होंगी।
