JBM ऑटो के शेयर में 17% उछाल IFC का $100 मिलियन निवेश
आज के सत्र में JBM ऑटो के शेयर में लगभग 16.93% (करीब 17%) की जोरदार तेजी दर्ज की गई। इस उछाल की बड़ी वजह है उसकी सब्सिडियरी JBM Ecolife Mobility को मिला 100 मिलियन डॉलर का निवेश, जो इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) ने किया है। IFC, वर्ल्ड बैंक ग्रुप का हिस्सा है।
ग्रीन और स्मार्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर बड़ा कदम
इस फंडिंग से अब महाराष्ट्र, असम, और गुजरात की सड़कों पर 1,455 AC इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। यह भारत के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ग्रीन और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक अहम पहल है।
कंपनी प्रबंधन का बयान
JBM ऑटो के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निशांत आर्य ने कहा कि यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा ई-बस प्रोजेक्ट है। उनके मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से:
- 1.6 बिलियन किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी
- 600 मिलियन लीटर से अधिक डीजल की बचत
- 5,500 नई नौकरियां
- एक बिलियन से ज्यादा यात्री लाभान्वित होंगे

स्टॉक का प्रदर्शन और रिटर्न डेटा
- आज शेयर में 18% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
- पिछले 1 महीने में रिटर्न +21.59%
- पिछले 6 महीने में रिटर्न +43.66%
- हालांकि, पिछले 1 साल में स्टॉक में -26.70% की गिरावट रही।
JBM की ई-बस यात्रा और फैक्ट्री डिटेल्स
- अब तक 10 राज्यों और 15 एयरपोर्ट्स पर 2,500+ ई-बसें संचालित।
- वर्तमान में 11,000 नई बसों के ऑर्डर।
- दिल्ली-NCR में फैक्ट्री, जो चीन के बाहर सबसे बड़ी ई-बस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक है, जिसकी क्षमता 20,000 बसें प्रति वर्ष है।
- 2018 से अब तक ई-बसों ने 20 करोड़ किमी+ दूरी तय की है।
पेमेंट सुरक्षा और प्रधानमंत्री ई-बस सेवा स्कीम
महाराष्ट्र और असम में इस प्रोजेक्ट के तहत सुरक्षित पेमेंट व्यवस्था बनाई जाएगी। यह व्यवस्था प्रधानमंत्री ई-बस सेवा स्कीम के तहत होगी, जिससे राज्य और शहर की बस सर्विस को समय पर पेमेंट मिलेगा और संचालन में पारदर्शिता बनी रहेगी।
IFC का ऐतिहासिक निवेश
यह खबर खास इसलिए भी है क्योंकि भारत में ई-बस प्रोजेक्ट के लिए IFC का $100 मिलियन निवेश न सिर्फ एशिया में पहला, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा निवेश है।
