रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का FMCG सेक्टर में बड़ा दांव लोटस चॉकलेट में 51% हिस्सेदारी
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) लगातार विभिन्न सेक्टर्स में अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। दिसंबर 2022 में कंपनी ने अपने FMCG बिजनेस को मजबूत करने के लिए लोटस चॉकलेट कंपनी लिमिटेड में 51% नियंत्रण हिस्सेदारी खरीदी।
FMCG सेक्टर में रिलायंस का विस्तार
- अगस्त 2022 की वार्षिक आम बैठक में मुकेश अंबानी ने FMCG बिजनेस में एंट्री की घोषणा की थी।
- इसके बाद रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) की सब्सिडियरी रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने यह डील की।
- यह कदम रिलायंस के FMCG सेक्टर में पांव मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
लोटस चॉकलेट क्यों चुना गया?
- लोटस चॉकलेट एक प्रमुख कोको प्रोसेसर है।
- यह चॉकलेट, कोको मास, पाउडर, बटर और डेरिवेटिव्स बनाती है।
- पूरी वैल्यू चेन को कवर करती है—स्थानीय बेकरियों से लेकर मल्टीनेशनल कंपनियों तक सप्लाई।
- इसी वजह से रिलायंस ने इसे अपनी FMCG रणनीति का हिस्सा बनाया।

ईशा अंबानी का बयान
RRVL की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा था
“यह निवेश हमारे इंडिजिनसली डेवलप्ड डेली यूज़ हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देगा, जिससे कंज्यूमर को किफायती कीमतों पर प्रोडक्ट उपलब्ध कराए जा सकें। यह डील हमें बिजनेस विस्तार और नेक्स्ट ग्रोथ फेज ड्राइव करने में मदद करेगी।”
शेयर प्राइस पर असर
- हिस्सेदारी खरीदते ही लोटस चॉकलेट के शेयर प्राइस में तेजी आई थी।
- हालांकि, पिछले एक साल में शेयर 20% गिरावट में हैं।
- शेयर प्राइस अब ₹2485 के लेवल से नीचे आ चुका है।
- P/E Ratio 114 (रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के P/E 23 से कहीं अधिक)
- P/E Ratio का मतलब किसी स्टॉक में निवेशक 1 रुपया कमाने के लिए कितने रुपए निवेश करने को तैयार हैं।
निष्कर्ष
रिलायंस का लोटस चॉकलेट में निवेश सिर्फ चॉकलेट बिजनेस तक सीमित नहीं है। यह उसकी FMCG Expansion Strategy का अहम हिस्सा है। उच्च P/E Ratio दर्शाता है कि स्टॉक अभी भी महंगा है, लेकिन रिलायंस की एंट्री से इसमें लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पॉसिबिलिटी बढ़ सकती है।
