बाज़ार में भारी गिरावट का कारण
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। मेटल, फार्मा, बैंक और आईटी सेक्टरों में बिकवाली ने इंडेक्स को दबाव में रखा।
अमेरिकी टैरिफ का असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ब्रांडेड और पेटेंटेड’ दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले का सीधा असर भारतीय फार्मा सेक्टर पर पड़ा।
निवेशक मान रहे हैं कि आने वाले महीनों में फार्मा कंपनियों की एक्सपोर्ट कॉस्ट बढ़ेगी और मुनाफे पर दबाव पड़ेगा।
रुपये की कमजोरी

भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर बना हुआ है।
- रुपया 88.7975 के ऑल टाइम लो स्तर के करीब है।
- निवेशकों की नजर दिन के क्लोज़िंग स्तर पर टिकी रही।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए रुपये पर दबाव आगे भी जारी रहेगा।
FII की भारी बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ाया।
- गुरुवार को FII ने ₹4,995.42 करोड़ के घरेलू शेयर बेचे।
- सितंबर 2025 में अब तक ₹13,450 करोड़ की निकासी हो चुकी है।
- साल 2025 में अब तक FII ने कुल ₹1,44,085 करोड़ के शेयर बेचे।
लगातार FII सेलिंग से बाजार में नेगेटिव सेंटिमेंट बना हुआ है और आगे भी बिकवाली जारी रहने की आशंका है।
कुल मिलाकर, फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ, रुपये की कमजोरी और FII सेलिंग ने मिलकर शुक्रवार को बाजार को गिरावट की ओर धकेला। आने वाले हफ्तों में इन कारकों पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी।
