MRF Ltd एक मल्टीबैगर स्टॉक की प्रेरणादायक कहानी
भारतीय शेयर बाजार में ऐसी कई कहानियां हैं जहां किसी स्मॉल या मिडकैप कंपनी ने वर्षों में लार्जकैप बनकर निवेशकों को करोड़पति बना दिया। लेकिन जब बात Inspiring Multibagger Stocks की होती है, तो MRF Ltd का नाम सबसे ऊपर आता है।
MRF (Madras Rubber Factory) ने पिछले पांच वर्षों में करीब 170% का रिटर्न दिया है, जबकि लिस्टिंग के बाद से अब तक 8000% से अधिक की अद्भुत बढ़त दिखाई है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न रिटेल निवेशकों की बड़ी हिस्सेदारी
कंपनी में प्रमोटर्स के पास 27.80% हिस्सेदारी है, जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स का भरोसा इस स्टॉक में सबसे ज्यादा नजर आता है — उनके पास लगभग 41.90% हिस्सेदारी है।
इसके अलावा, कुछ ट्रस्ट्स और अन्य संस्थाओं के पास 8.51% होल्डिंग दर्ज की गई है।
यह वितरण यह दर्शाता है कि MRF Ltd में रिटेल निवेशकों की मजबूत उपस्थिति है और वे इसे लंबे समय तक होल्ड करना पसंद करते हैं।

2007 से अब तक का सफर ₹4,000 से ₹1.55 लाख तक
अगर हम पीछे साल 2007 की बात करें, तब MRF Tyres का शेयर प्राइस ₹4,000 के आस-पास था। उस समय कोई रिटेल निवेशक इसे खरीदना नहीं चाहता था।
लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं — अब कोई रिटेल निवेशक इसे बेचना नहीं चाहता, क्योंकि इसका शेयर प्राइस ₹1.55 लाख से अधिक पहुंच चुका है।
यह कहानी सिर्फ एक कंपनी की नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म निवेश और धैर्य की मिसाल है।
FII की बढ़ती दिलचस्पी
विदेशी निवेशक यानी Foreign Institutional Investors (FIIs) भी MRF में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
जून 2025 की तिमाही में FII की होल्डिंग 17.50% से बढ़कर 18.70% हो गई।
यह संकेत देता है कि ग्लोबल निवेशकों का भरोसा MRF के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रक्चर पर लगातार बढ़ रहा है।
टायर इंडस्ट्री और GST का असर
टायर इंडस्ट्री के लिए हाल ही में सरकार की तरफ से राहत भरी खबर आई है।
GST के नए स्लैब के तहत अब टायर सिर्फ 5% टैक्स दायरे में आ गए हैं।
इस बदलाव से आने वाले समय में कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम टैक्स रेट्स से ऑटो सेक्टर की डिमांड में बढ़ोतरी होगी, जिससे MRF जैसी कंपनियों के लिए लॉन्ग टर्म में ग्रोथ अवसर और मजबूत होंगे।
