निफ्टी में तेजी 17 अक्टूबर 2025 को निफ्टी 50 ने शानदार तेजी दिखाते हुए 25,700 के ऊपर बंद होकर 52 हफ्तों का नया रिकॉर्ड हाई बनाया।
यह उछाल कई सकारात्मक कारणों का नतीजा है — अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट, रुपए की मजबूती, और त्योहारी सीजन की खरीदारी का जोश बाजार में नई ऊर्जा भर रहा है।
पिछले तीन ट्रेडिंग सत्रों में निफ्टी ने करीब 2.2% की बढ़त दर्ज की है। हालांकि यह अपने ऑल-टाइम हाई 26,277 से अब भी लगभग 570 अंक (2%) नीचे है, जो 27 सितंबर 2024 को बना था। लेकिन मौजूदा तेजी यह संकेत देती है कि निवेशकों का विश्वास दोबारा लौट रहा है।
निफ्टी में तेजी की 5 प्रमुख वजहें
1. विदेशी निवेशकों (FIIs) की मजबूत वापसी
7 से 14 अक्टूबर के बीच 7 में से 5 दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर खरीदे। इस दौरान उन्होंने करीब ₹3,000 करोड़ का निवेश किया।
16 अक्टूबर को अकेले उन्होंने लगभग ₹1,000 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹4,000 करोड़ से अधिक की खरीदारी की।
यह एक बड़ा बदलाव है क्योंकि सितंबर और उससे पहले के महीनों में FIIs लगातार पैसे निकाल रहे थे। अब अक्टूबर में उनकी बिकवाली काफी सीमित रही है।
2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट
अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जो अब 3.95% के छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
कम बॉन्ड यील्ड का मतलब है कि निवेशक अब सुरक्षित निवेशों से हटकर इक्विटी जैसे जोखिम वाले एसेट्स में पैसा लगा रहे हैं — और इसका सीधा फायदा भारतीय बाजार को मिल रहा है।

3. रुपए की मजबूती
भारतीय रुपया हाल के दिनों में थोड़ा मजबूत हुआ है। RBI ने सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर बेचकर मुद्रा को सपोर्ट किया।
गुरुवार को रुपया ₹87.82 प्रति डॉलर था, जो शुक्रवार को ₹87.75 तक सुधर गया।
रुपए की मजबूती विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय एसेट्स को और आकर्षक बनाती है।
4. त्योहारी सीजन की खरीदारी से बढ़ा उत्साह
दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों से पहले मार्केट में खरीदारी का माहौल गर्म है।
ऑटो, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में डिमांड बढ़ रही है, जिससे सेंटीमेंट सकारात्मक हुआ है।
5. घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिरता
मजबूत जीडीपी ग्रोथ, घटती मुद्रास्फीति और सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर फोकस ने निवेशकों को भरोसा दिया है।
इन सभी कारकों ने निफ्टी को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने में मदद की है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, विदेशी निवेशकों की वापसी, बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रुपए की मजबूती जैसे कारकों ने भारतीय बाजार को नई जान दी है।
अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो निफ्टी आने वाले दिनों में अपना ऑल-टाइम हाई 26,277 दोबारा छू सकता है।
