Tata Power का बड़ा निवेश भूटान के 1,125 MW Dorjilung Hydro Project
Tata Power, भारत की अग्रणी बिजली उत्पादन कंपनी, ने भूटान में 1,125 मेगावॉट के Dorjilung Hydro Power Project में 40% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹1,572 करोड़ निवेश करने का ऐलान किया है।
यह सौदा टाटा पावर के क्लीन एनर्जी मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे कंपनी की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और हरित ऊर्जा पोर्टफोलियो दोनों मजबूत होंगे।
भूटान सरकार के साथ साझेदारी
इस प्रोजेक्ट में Tata Power भूटान की Druk Green Power Corporation (DGPC) के साथ मिलकर काम करेगी।
दोनों कंपनियां मिलकर एक Special Purpose Vehicle (SPV) स्थापित करेंगी, जिसके माध्यम से प्रोजेक्ट को अंजाम दिया जाएगा।
हालांकि अभी SPV औपचारिक रूप से गठित नहीं हुआ है, इसलिए यह अधिग्रहण टाटा पावर के Related Party Transaction के दायरे में नहीं आएगा।
कंपनी ने बताया कि हिस्सेदारी के अधिग्रहण का पहला चरण अगले 6 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।
क्लीन एनर्जी उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
टाटा पावर ने यह भी बताया कि उसकी सोलर पैनल और उपकरण निर्माण इकाइयाँ (factories) पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं।
इसका अर्थ है कि कंपनी अब अपनी परियोजनाओं में उपयोग होने वाले अधिकतर क्लीन एनर्जी उपकरण स्वयं उत्पादन कर सकती है।
यह आत्मनिर्भरता टाटा पावर को भविष्य में तेजी से विस्तार करने और लागत घटाने में मदद करेगी।
कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को 40 मिलियन कंज्यूमर्स तक पहुँचाया जाए।

भूटान में दूसरा प्रोजेक्ट भी जारी
टाटा पावर ने अपनी Q2 FY26 फाइनेंशियल रिपोर्ट्स जारी करते हुए यह भी बताया कि भूटान में ही 600 मेगावॉट के Kholongchhu Hydro Project का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
इस प्रोजेक्ट में भी टाटा पावर की 40% हिस्सेदारी है।
यह हाइड्रो प्रोजेक्ट कंपनी की 5 GW की क्लीन एनर्जी साझेदारी योजना का हिस्सा है।
इसके लिए टाटा पावर ने ₹4,829 करोड़ का लोन Power Finance Corporation (PFC) के साथ साइन किया है।
Tata Power के शेयर प्रदर्शन पर नज़र
| अवधि | रिटर्न |
|---|---|
| आज | +1.11% |
| पिछले 6 महीने | +1.05% |
| साल-दर-साल (YTD) | +0.80% |
| पिछले 1 साल में | -8.34% |
| पिछले 5 साल में | +580.72% |
हालांकि पिछले एक साल में स्टॉक में गिरावट देखने को मिली है, लेकिन लंबे समय के निवेशकों को टाटा पावर ने शानदार रिटर्न दिया है।
निष्कर्ष
भूटान में यह नया निवेश Tata Power की हरित ऊर्जा (Green Energy) रणनीति को और मजबूत करेगा।
कंपनी एक ओर अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में विस्तार कर रही है, वहीं दूसरी ओर घरेलू स्तर पर आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
