Transrail Lighting Ltd के शेयर पर निवेशकों की नजर, ₹822 करोड़ के नए ऑर्डर से बढ़ी उम्मीद
स्मॉलकैप कंपनी Transrail Lighting Ltd के स्टॉक पर निवेशकों की लगातार नजर बनी हुई है। आज के कारोबार में शेयर करीब 2% की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा, लेकिन कंपनी को मिले नए बड़े ऑर्डर की जानकारी के बाद निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ सकती है।
₹822 करोड़ के नए ऑर्डर मिले
Transrail Lighting Ltd ने एक्सचेंज को जानकारी दी है कि कंपनी को कुल ₹822 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डरों में सबसे बड़ा हिस्सा गल्फ कॉपरेशन काउंसिल (GCC) के एक देश में 400 kV पावर ट्रांसमिशन लाइन के पूर्ण निर्माण और मैनेजमेंट से जुड़ा हुआ है।
इसके अलावा कंपनी को:
- सिविल कंस्ट्रक्शन बिजनेस
- पोल और लाइटिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स
के लिए भी बड़े ऑर्डर मिले हैं।

FY26 में अब तक ₹5,110 करोड़ से ज्यादा की ऑर्डर बुक
इन नए ऑर्डरों के साथ ही Transrail Lighting को वित्त वर्ष 2026 में अब तक ₹5,110 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर मिल चुके हैं।
यह आंकड़ा कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और आने वाले समय में बेहतर रेवेन्यू ग्रोथ का संकेत देता है।
₹2,000 करोड़ के प्रोजेक्ट में L1 बनी कंपनी
कंपनी ने यह भी बताया है कि वह ₹2,000 करोड़ से ज्यादा की लागत वाले एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए L1 (Lowest Bidder) बनी हुई है।
इसका साफ मतलब यह है कि FY26 में आगे चलकर कंपनी को और भी बड़े ऑर्डर मिलने की पूरी संभावना बनी हुई है।
GCC रीजन में एंट्री, इंटरनेशनल बिजनेस को मिलेगा बूस्ट
400 kV ट्रांसमिशन लाइन के इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ Transrail Lighting अब गल्फ कॉपरेशन काउंसिल (GCC) रीजन के एक नए देश में कदम रख रही है।
इससे कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस और ग्लोबल ब्रांड वैल्यू को मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
Canara Bank की भी हिस्सेदारी
Trendllyne के आंकड़ों के मुताबिक
- सितंबर 2025 तक Canara Bank के पास कंपनी की 1.50% हिस्सेदारी थी
- यह हिस्सेदारी करीब 20,11,220 शेयरों के बराबर है
किसी सरकारी बैंक की मौजूदगी स्टॉक में इंवेस्टर्स का भरोसा बढ़ाने वाला फैक्टर माना जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
हालांकि Transrail Lighting Ltd का शेयर फिलहाल 2% की गिरावट में है, लेकिन ₹822 करोड़ के नए ऑर्डर, ₹5,110 करोड़ से ज्यादा की ऑर्डर बुक और ₹2,000 करोड़ के L1 प्रोजेक्ट की संभावना इसे एक मजबूत ग्रोथ स्टोरी बनाते हैं।
GCC रीजन में एंट्री से कंपनी के इंटरनेशनल रेवेन्यू को भी बड़ा बूस्ट मिल सकता है।
