InterGlobe Aviation (IndiGo) के शेयरों पर फिर बढ़ा दबाव—Guidance कटौती से सेंटीमेंट कमजोर
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation के शेयर हाल के दिनों में लगातार दबाव में रहे हैं।
फ्लाइट कैंसिलेशन की बढ़ती समस्या और FY26 Q3 के लिए कंपनी द्वारा guidance में कमी से शेयर में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया।
हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से आज शेयर 0.30% बढ़कर ₹4823.00 पर बंद हुआ।
इंट्राडे में यह 3.46% गिरकर ₹4642.15 तक चला गया था।

IndiGo ने FY26 Q3 Guidance क्यों घटाया?
पिछले कुछ महीनों में IndiGo को बड़े पैमाने पर flight cancellations का सामना करना पड़ा।
करीब 4,500 flights रद्द होने से
- Revenue loss
- Passenger support services पर अतिरिक्त खर्च
दोनों बढ़े।
इन्हीं कारणों से कंपनी को अपना operational guidance बदलना पड़ा।
ASK Guidance में कटौती
ASK (Available Seat Kilometre) एयरलाइन सेक्टर का महत्वपूर्ण ऑपरेशनल मीट्रिक है, जो यात्रियों को ले जाने की क्षमता को मापता है।
नया अनुमान (FY26 Q3)
- High Single Digit to Early Double Digit (7–13%)
पुराना अनुमान
- High Teens (13–19%)
इसका मतलब है कि कंपनी की capacity growth उम्मीद से काफी धीमी होगी।
PRASK Guidance भी घटा
PRASK (Passenger Revenue per ASK) भी कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण KPI है।
पहले
- Flat या Slow Growth
अब
- Mid-Single Digit Decline (4–6%)
यह दर्शाता है कि demand और fares दोनों दबाव में हैं।
DGCA की Monitoring तेज़
कंपनी ने DGCA को नया flight schedule जमा किया है।
DGCA ने कहा है कि
- यात्रियों की शिकायतों का समाधान
- schedule compliance
- operational disruption
इन सभी को लेकर Regular Monitoring की जा रही है।
Brokerage Firms की Ratings और Target Price में बदलाव
हालांकि चुनौतियाँ हैं, पर कई ब्रोकरेज स्टॉक पर bullish बने हुए हैं।
Morgan Stanley
- Coforge की जगह IndiGo को Focus List में शामिल किया।
Kotak Institutional Equities
- Old Target ₹5700
- New Target ₹5350
Guidance कटौती और flight disruptions के कारण कई फर्मों ने valuation models अपडेट किए हैं, लेकिन long-term outlook अब भी मजबूत माना जा रहा है।
1-Year Performance IndiGo Share Price Journey
- 1-Year Low ₹3946.40 (22 जनवरी 2025)
- 1-Year High ₹6225.05 (18 अगस्त 2025)
इस low से high तक स्टॉक ने 57.74% का रिटर्न सिर्फ सात महीनों में दिया।
हालिया गिरावट के बावजूद, लंबी अवधि का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा है।
Conclusion
IndiGo पर बढ़ते cancellations, revenue pressure और guidance cuts का असर शेयर पर साफ दिख रहा है।
हालांकि, aviation sector में इसकी मजबूत पकड़, healthy load factors और ब्रोकरेज का positive stance बताता है कि कंपनी operational challenges के बावजूद long-term growth trajectory बनाए रख सकती है।
निवेशकों की नज़र अब DGCA की monitoring और आने वाली तिमाहियों के operational updates पर रहेगी।
