Indian Overseas Bank में Government का Offer for Sale

Indian Overseas Bank में Government का Offer for Sale, शेयरों में तेज गिरावट

सरकार ने Indian Overseas Bank (IOB) में अपनी हिस्सेदारी घटाने के लिए Offer for Sale (OFS) लाने का फैसला किया है। इस OFS के तहत सरकार बैंक में 3% तक Stake बेचने जा रही है। Issue का Floor Price मंगलवार के Closing Price से करीब 7% Discount पर तय किया गया है।

इस खबर के सामने आते ही बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली और IOB के शेयर दबाव में आ गए।


IOB Share Price Today बिकवाली का दबाव

Stock Market खुलते ही Indian Overseas Bank के Shares में भारी Selling Pressure देखने को मिला। निचले स्तरों पर भी खरीदारी का सहारा नहीं मिल पाया।

  • BSE पर IOB Share Price ₹34.96
  • गिरावट −4.40%
  • Intraday Low ₹34.91 (−4.54%)
  • पिछला Closing Price ₹36.57

Discounted Floor Price की वजह से Investors ने शेयर में Profit Booking और Exit को प्राथमिकता दी।


Government किस Price पर बेच रही है IOB Shares?

सरकार इस OFS के जरिए Indian Overseas Bank में 3% हिस्सेदारी बेच रही है, जिसके लिए Floor Price ₹34 प्रति शेयर तय किया गया है।

  • मौजूदा Market Price पर सरकार की 3% हिस्सेदारी की वैल्यू करीब ₹2,000 करोड़ आंकी जा रही है।
  • Base Issue Size 38,51,31,796 Shares (करीब 2% Holding)
  • Additional Option 19,25,65,898 Shares (1% Equity)

OFS Schedule Retail और Non-Retail Investors

इसके अलावा, बैंक ने 1.50 लाख Shares Employees के लिए Reserve रखे हैं। Eligible Employees ₹5 लाख तक के Shares के लिए Bid कर सकते हैं।


Indian Overseas Bank Share एक साल का प्रदर्शन

IOB Shares का पिछले एक साल का Performance काफी Volatile रहा है:

  • 17 दिसंबर 2024 ₹56.05 (1-Year High)
  • 7 अप्रैल 2025 ₹33.01 (1-Year Low)
  • करीब 4 महीनों में 41.11% की गिरावट

यह गिरावट PSU Banks में Weak Sentiment और लगातार Government Disinvestment की वजह से देखी गई।


SEBI Rule की वजह से आया OFS

सितंबर 2025 के Shareholding Pattern के अनुसार, Indian Overseas Bank में सरकार की हिस्सेदारी करीब 95% है। जबकि SEBI के नियमों के मुताबिक, किसी भी Listed Company में Public Shareholding कम से कम 25% (या Promoter Holding अधिकतम 75%) होनी चाहिए।

SEBI ने सरकारी कंपनियों को इस नियम के पालन के लिए अगस्त 2026 तक का समय दिया है।

IOB के अलावा, सरकार की हिस्सेदारी इन बैंकों में भी तय सीमा से ज्यादा है:

  • Punjab & Sind Bank 93.9%
  • UCO Bank 91%
  • Central Bank of India 89.3%

इसी महीने सरकार ने Bank of Maharashtra में भी 6% हिस्सेदारी बेचने के लिए OFS लॉन्च किया था।


Investors के लिए क्या संकेत?

  • Discounted OFS की वजह से Short-Term Pressure बना रह सकता है
  • PSU Banks में Volatility जारी रहने की संभावना
  • Long-Term Investors को Asset Quality और Capital Adequacy पर नजर रखनी चाहिए

Disclaimer

यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top