Sammaan Capital के शेयरों में गिरावट, EOW की नई FIR बनी वजह
बुधवार को Sammaan Capital के शेयरों में दबाव देखने को मिला। शेयर में आई इस गिरावट की मुख्य वजह दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) द्वारा कंपनी के पूर्व प्रमोटरों से जुड़े मामले में नई FIR दर्ज किया जाना है।
इस कानूनी घटनाक्रम के सामने आते ही बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसका असर सीधे स्टॉक की चाल पर दिखा।
EOW और Supreme Court से जुड़ा पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17 दिसंबर (बुधवार) को दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने Sammaan Capital के पूर्व प्रमोटरों के खिलाफ चल रही जांच के तहत एक नई FIR दर्ज की है।
इसके साथ ही Supreme Court ने इस मामले में CBI को एक सप्ताह के भीतर यह तय करने का निर्देश दिया है कि इस केस में अलग से FIR दर्ज की जानी चाहिए या नहीं।
CBI को यह जांच करनी है कि
FIR दर्ज करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं या नहीं
इस पूरे मामले पर जनवरी 2026 के दूसरे हफ्ते में दोबारा सुनवाई होगी।

Delhi High Court के पुराने आदेश के खिलाफ अपील
यह मामला Delhi High Court के एक पुराने आदेश के खिलाफ दायर अपील से जुड़ा हुआ है।
फरवरी 2024 में, Delhi High Court ने प्रशांत भूषण के Citizen Whistle Blower Forum (CWBF) द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था।
इस याचिका में मांग की गई थी कि Sammaan Capital से जुड़े मामलों की
- RBI (भारतीय रिजर्व बैंक)
- NHB (नेशनल हाउसिंग बैंक)
- SEBI
- कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय (MCA)
जैसी संस्थाओं द्वारा आधिकारिक जांच कराई जाए।
BlackRock ने बढ़ाई हिस्सेदारी, भरोसे का संकेत?
एक ओर कानूनी अनिश्चितता है, वहीं दूसरी ओर दुनिया की सबसे बड़ी Asset Management Company BlackRock Inc. ने Sammaan Capital में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
Stock Exchange में दी गई जानकारी के अनुसार
- 31 अक्टूबर को BlackRock ने
Open Market के जरिए 38,75,983 शेयर खरीदे
यह कंपनी की करीब 0.47% हिस्सेदारी है
इस खरीद के बाद
- BlackRock की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 5.33% हो गई
- कुल शेयर 4,42,91,365
इससे पहले BlackRock के पास
- 4.86% हिस्सेदारी (4,04,15,382 शेयर) थी
यह निवेश संकेत देता है कि Long-Term Institutional Investors अब भी कंपनी पर नजर बनाए हुए हैं।
LIC ने घटाई हिस्सेदारी
हालांकि दूसरी ओर, Life Insurance Corporation of India (LIC) ने NBFC स्टॉक में अपनी हिस्सेदारी थोड़ी कम की है।
Trendlyne के आंकड़ों के मुताबिक
- जून 2025 तक LIC की हिस्सेदारी 4.73%
- सितंबर 2025 तक घटकर 4.64%
LIC की इस हल्की बिकवाली को बाजार में Cautious Approach के तौर पर देखा जा रहा है।
Investors के लिए क्या मायने?
- कानूनी मामलों से Short-Term Volatility बनी रह सकती है
- Institutional Investors का रुख मिश्रित नजर आ रहा है
- News-Based Trading से बचकर चलना जरूरी
- Long-Term निवेशक अगली Court Hearing और CBI Decision पर नजर रखें
Disclaimer
यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार
