Crude Oil Prices में तेजी का कारण

Crude Oil Prices में तेजी का कारण

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन मजबूती देखने को मिली है। Venezuela से भविष्य की supply को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और Iran में जारी राजनीतिक अशांति के चलते oil output पर असर पड़ने की आशंका ने crude prices को सपोर्ट दिया है। इसी वजह से इस हफ्ते तीसरी बार oil market में तेजी दर्ज की गई है।

Global investors फिलहाल geopolitics और supply risks को लेकर सतर्क हैं, जिससे short-term में prices ऊपर की ओर बने हुए हैं।


Brent और WTI का Price Update

  • Brent Crude Futures 44 सेंट या 0.71% की बढ़त के साथ $62.43 प्रति बैरल पर पहुंच गया।
  • WTI Crude 39 सेंट या 0.68% की तेजी के साथ $58.15 प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया।

लगातार दो दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को दोनों benchmark prices में 3% से ज्यादा की तेज उछाल देखने को मिली थी। मौजूदा सप्ताह में Brent लगभग 2.7% और WTI करीब 1.4% की बढ़त की ओर बढ़ रहा है।


Geopolitical Tension और Market Sentiment

President Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर Iran में चल रही अशांति के दौरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की, तो अमेरिका “कड़ा” सैन्य कदम उठा सकता है। इस बयान के बाद geopolitical risk बढ़ गया है, जिसका सीधा असर energy markets पर देखने को मिल रहा है।

इसके अलावा, Citigroup Inc. के अनुसार annual Commodity Index Rebalancing period के चलते oil market में cash inflows लौट सकते हैं, जिससे कीमतों में और मजबूती आने की संभावना है।


Weekly Trend और Supply Outlook

गुरुवार की तेज रैली के बाद oil futures पूरे हफ्ते की बढ़त की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। हालांकि analysts का मानना है कि आने वाले महीनों में global market में supply surplus बन सकता है, जो medium-term में prices पर दबाव डाल सकता है।

Goldman Sachs Group Inc. के मुताबिक, उनके clients पिछले 10 वर्षों में तेल को लेकर सबसे ज्यादा bearish नजर आ रहे हैं, जिससे long-term outlook को लेकर caution बना हुआ है।


Venezuela और US Policy का असर

President Nicolas Maduro को हटाए जाने के बाद Venezuela को लेकर अमेरिका की नीति पर investors की नजर बनी हुई है। Exxon Mobil, Chevron और veteran oil producer Harold Hamm सहित करीब 20 oil executives White House में Trump administration के अधिकारियों से Venezuela के energy sector को दोबारा revive करने पर चर्चा करेंगे।


Chevron और US Refiners की भूमिका

Chevron फिलहाल Washington से Venezuela में काम करने वाली एकमात्र बड़ी US oil company है। कंपनी पिछले सात महीनों में सबसे तेज गति से Venezuelan crude के tanker load कर रही है। इन cargos का बड़ा हिस्सा US refiner Phillips 66 के लिए भेजा जा रहा है।


Trading Houses और Global Buyers की दिलचस्पी

Global trading giants Trafigura Group और Vitol Group Venezuela के crude को लेकर US refiners से बातचीत कर रहे हैं। दोनों कंपनियों को barrels बेचने के लिए शुरुआती US Treasury licenses भी मिल चुके हैं।

Trump administration की रणनीति से संकेत मिलते हैं कि China की तुलना में US processors को Venezuelan oil की ज्यादा supply मिल सकती है।


China की रणनीति में बदलाव

Chinese refiners लंबे समय से Venezuelan crude के सबसे बड़े buyers रहे हैं, खासकर US sanctions के बाद भारी discount पर। हालांकि अब कुछ Chinese कंपनियां alternative supply options तलाश रही हैं, जिनमें Canada से आने वाला महंगा crude भी शामिल है।


निष्कर्ष (Conclusion)

कुल मिलाकर, geopolitical tensions, supply uncertainty और financial inflows की वजह से crude oil market में short-term तेजी बनी हुई है। हालांकि medium-term में संभावित supply surplus को लेकर चिंता भी कायम है, जिससे आगे prices में volatility देखने को मिल सकती है।

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