US Tariff Announcement Donald Trump का नया झटका
अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी पहले से ही दुनिया में आर्थिक और व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ा रही थी। अब US President Donald Trump ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए global markets को झटका दिया है।
ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा।
यह घोषणा ऐसे समय पर की गई है, जब ईरान गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है और देशभर में हिंसक विरोध-प्रदर्शन जारी हैं।
Truth Social Post के जरिए किया ऐलान
ईरान के सभी 31 राज्यों में इस समय 600 से ज्यादा protests चल रहे हैं।
अमेरिका की Human Rights Activists News Agency (HRANA) के मुताबिक अब तक कम से कम 644 लोगों की मौत हो चुकी है।
इसी पृष्ठभूमि में Donald Trump ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि:
जो भी देश ईरान के साथ business relations रखते हैं, उन पर immediate effect से 25% tariff लगाया जाएगा।
इस बयान के बाद global trade और diplomacy को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
India पर कितना पड़ेगा असर?
ईरान का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर चीन है, लेकिन भारत समेत कई देशों के साथ भी उसके मजबूत कारोबारी रिश्ते हैं।
ईरान स्थित Indian Embassy के आंकड़ों के मुताबिक

- FY2025 में भारत ने ईरान को $124 करोड़ का export किया
- जबकि ईरान से $44 करोड़ का import किया गया
भारत से ईरान को भेजे गए प्रमुख products
- Basmati rice
- Tea
- China ware
- Fresh fruits
- Medicines
वहीं ईरान से भारत ने
- Apple
- Pistachio
- Dates
- Kiwi
का आयात किया।
Trading Economics Report के आंकड़े
Trading Economics की रिपोर्ट के अनुसार
- वर्ष 2024 में भारत के exports में grains की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रही, जिसकी वैल्यू $69.85 करोड़ थी
- वहीं ईरान से भारत के imports में organic chemicals सबसे बड़ा सेगमेंट रहा, जिसकी वैल्यू $51.29 करोड़ रही
इन आंकड़ों से साफ है कि दोनों देशों के बीच trade volume भले सीमित हो, लेकिन strategic importance बनी हुई है।
Additional Tariff से बढ़ सकती हैं भारत की मुश्किलें
गौरतलब है कि अमेरिका पहले ही Russia से तेल आयात के चलते भारत पर 50% टैरिफ लगा चुका है।
अब ईरान से जुड़े व्यापार पर अतिरिक्त 25% टैरिफ भारत के लिए नई चुनौती बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर
- केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा
- बल्कि India–US Trade Deal को लेकर चल रही बातचीत पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है
दिलचस्प बात यह है कि सोमवार को ही US Ambassador Sergio Gor ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर सकारात्मक बयान दिया था, लेकिन ट्रंप के इस फैसले ने माहौल को फिर से uncertain बना दिया है।
Iran Crisis Economy और Currency की हालत खराब
ईरान इस वक्त गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
देशभर में violent demonstrations जारी हैं और सरकार ने:
- Internet services
- Telephone networks
को बंद कर दिया है।
पिछले साल सितंबर में UN sanctions दोबारा लागू होने के बाद ईरान की currency Rial बुरी तरह टूट गई।
फिलहाल ईरानी रियाल की कीमत करीब 14 लाख रियाल प्रति US Dollar तक पहुंच चुकी है।
HRANA के आंकड़े मौतें और गिरफ्तारियां
HRANA के मुताबिक
- मरने वालों में 512 protesters
- और 132 security force members शामिल हैं
- बीते दो हफ्तों में 10,700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है
ईरान के Foreign Minister Abbas Araghchi ने आरोप लगाया है कि इन प्रदर्शनों को जानबूझकर हिंसक बनाया गया, ताकि Donald Trump को हस्तक्षेप करने का मौका मिल सके। हालांकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।
US की Military Action की चेतावनी
Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर यह साबित होता है कि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ खतरनाक तरीके अपना रही है, तो अमेरिका military action कर सकता है।
White House Press Secretary Karoline Leavitt ने कहा है कि
- Air strike options पर विचार किया जा रहा है
- हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए पहला विकल्प diplomacy यानी कूटनीति ही है
Conclusion
ईरान संकट, Donald Trump का टैरिफ फैसला और बढ़ते geopolitical tensions ने पूरी दुनिया में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
खासतौर पर India जैसे देशों के लिए यह स्थिति:
व्यापार
कूटनीति
और रणनीतिक संतुलन
तीनों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में global markets और international relations पर इसका असर और साफ देखने को मिल सकता है।
