Odisha Government Issues Big Demand Notice to ESL Steel (Vedanta Group)

Vedanta Group की ESL Steel को ओडिशा सरकार का बड़ा Demand Notice

ओडिशा सरकार ने Vedanta Limited की सहायक कंपनी ESL Steel Limited को लेकर बड़ा कदम उठाया है। कथित production shortfall के आरोप में कंपनी को ₹1,255.37 करोड़ की भारी-भरकम राशि का demand notice जारी किया गया है। यह नोटिस राज्य के Deputy Director of Mines, Koira Circle कार्यालय द्वारा जारी किया गया है।


₹1,255.37 करोड़ की भारी Demand

Stock exchange filing के अनुसार, ESL Steel Limited को कुल दो demand notices प्राप्त हुए हैं, जिनकी संयुक्त राशि ₹12,55,37,61,591 है। यह कार्रवाई Minerals (Other than Atomic and Hydrocarbon Energy Minerals) Concession Rules, 2016 के Rule 12(A) के तहत की गई है।

सरकार का आरोप है कि कंपनी अपने mining operations के दौरान निर्धारित minimum production और dispatch targets को पूरा करने में विफल रही।


BICO और Feegrade Mining Lease से जुड़ा मामला

यह कथित production deficiency BICO और Feegrade mining lease से संबंधित है।
कंपनी के अनुसार, यह पूरा विवाद Mine Development and Production Agreement (MDPA) के तहत संचालन के fourth year से जुड़ा हुआ है, जिसकी गणना 15 नवंबर 2021 से की गई है।


ESL Steel ने आरोपों को बताया असंगत

ESL Steel Limited ने साफ किया है कि वह इन demand notices और उनसे जुड़ी calculations की विस्तृत समीक्षा कर रही है। कंपनी का कहना है कि लगाए गए आरोप legal और factual आधार पर टिकाऊ नहीं हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपने legal remedies का सहारा लेगी, जिसमें:

  • Demand पर stay लेने की प्रक्रिया
  • Notices को quash कराने के लिए न्यायिक कदम
    शामिल हैं।

Vedanta Share Price पर सीमित असर

इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद, शेयर बाजार में Vedanta Limited के शेयर पर ज्यादा नकारात्मक असर देखने को नहीं मिला।
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में Vedanta का शेयर:

  • ₹5.30 की तेजी (0.78%)
  • ₹681.05 के स्तर पर बंद

Market participants फिलहाल कंपनी के legal response और आगे की developments पर नजर बनाए हुए हैं।


निष्कर्ष (Conclusion)

ओडिशा सरकार का यह demand notice Vedanta Group के लिए एक बड़ा regulatory challenge जरूर है, लेकिन कंपनी का मजबूत पक्ष और legal stand इसे long-term overhang बनने से रोक सकता है।
Short-term में stock में volatility संभव है, जबकि long-term outlook आगे की judicial और regulatory clarity पर निर्भर करेगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top