Greenland Issue पर ट्रंप का यू-टर्न यूरोप पर टैरिफ लगाने की धमकी वापस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Greenland Issue को लेकर अपने हालिया बयान में बड़ा बदलाव करते हुए कहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए किसी भी तरह के बल प्रयोग का रास्ता नहीं अपनाएगा। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
यूरोप पर टैरिफ लगाने की धमकी वापस
डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की अमेरिकी कोशिशों का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। लेकिन अब उन्होंने इस धमकी को पूरी तरह वापस ले लिया है।
ट्रंप के इस कदम को अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते ट्रेड टेंशन को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

यूरोपीय देशों का सख्त रुख
जब ट्रंप ने ग्रीनलैंड के अधिग्रहण का विरोध करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की बात कही थी, तब डेनमार्क, जर्मनी, फ्रांस सहित करीब 8 यूरोपीय देशों ने इसे हल्के में नहीं लिया।
इन देशों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि अमेरिका ने टैरिफ लगाए, तो वे जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।
जर्मनी का बड़ा दांव US Treasury Bonds बेचने का संकेत
मामला तब और गंभीर हो गया जब जर्मनी की ओर से संकेत मिले कि वह US Treasury Bonds बेच सकता है।
अगर ऐसा होता, तो इससे अमेरिका की कर्ज लेने की क्षमता (Borrowing Capacity) पर गहरा असर पड़ सकता था और अमेरिकी वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप को शायद यूरोपीय देशों की इस संभावित रणनीति का अंदाजा नहीं था।
दबाव में ट्रंप को बदलना पड़ा रुख
यूरोपीय देशों के कड़े और एकजुट रुख के बाद डोनाल्ड ट्रंप को Greenland Issue पर अपना स्टैंड नरम करना पड़ा।
अब न केवल टैरिफ की धमकी वापस ली गई है, बल्कि बल प्रयोग की संभावना से भी साफ इनकार किया गया है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Greenland Issue पर ट्रंप का यह यू-टर्न दिखाता है कि वैश्विक राजनीति और आर्थिक दबाव किस तरह बड़े फैसलों को प्रभावित करते हैं। यूरोप की सख्त प्रतिक्रिया ने अमेरिका को यह संकेत दे दिया कि ट्रेड और जियो-पॉलिटिक्स में एकतरफा फैसले महंगे पड़ सकते हैं।
यह घटनाक्रम आने वाले समय में US-Europe Relations और Global Markets पर भी असर डाल सकता है।
