Share Market Today ग्लोबल संकेतों से बाजार की तेज़ शुरुआत
गुरुवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। इसकी बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का Greenland को लेकर NATO के साथ Framework Deal पर दिया गया बयान रहा। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल देखने को मिला और एशियाई शेयर बाजारों ने वॉल स्ट्रीट की तेजी को फॉलो किया।
एशियाई शेयर बाजारों में तेजी, गिरावट का सिलसिला टूटा
जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाजारों में गुरुवार को अच्छी बढ़त देखने को मिली। इससे संकेत मिला कि एशियाई शेयर बाजार तीन दिन की गिरावट के बाद रिकवरी मोड में आ सकते हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है, खासकर तब जब यह साफ हो गया कि अमेरिका फिलहाल यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने के मूड में नहीं है।
वॉल स्ट्रीट से मिले मजबूत संकेत
अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली।
US Equity Index Futures में एशियाई बाजारों के शुरुआती कारोबार के दौरान 0.2% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जो यह दिखाता है कि निवेशक रिस्क लेने को तैयार हैं।
इससे पहले वॉल स्ट्रीट में तेजी आई थी, जिसका असर सीधे तौर पर एशियाई और भारतीय बाजारों पर पड़ा।
US Bond Yield में गिरावट, निवेशकों को राहत
अमेरिकी सेशन के दौरान 10-Year US Treasury Bond Yield में गिरावट दर्ज की गई।
यील्ड 5 बेसिस पॉइंट घटकर 4.24% पर आ गई, जो इक्विटी मार्केट के लिए एक पॉजिटिव संकेत माना जाता है।
कम बॉन्ड यील्ड आमतौर पर शेयर बाजारों के लिए सपोर्टिव रहती है क्योंकि इससे इक्विटी में निवेश का आकर्षण बढ़ता है।
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट
ग्लोबल बाजारों में रिस्क सेंटिमेंट बेहतर होने के चलते सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
निवेशक सेफ-हेवन एसेट्स से निकलकर इक्विटी और रिस्की एसेट्स की ओर शिफ्ट होते नजर आए।
निष्कर्ष (Conclusion)
Greenland मुद्दे पर ट्रंप के नरम रुख और यूरोप पर नए टैरिफ न लगाने के संकेतों से ग्लोबल मार्केट्स में पॉजिटिव माहौल बना है।
एशियाई बाजारों की मजबूती और US Bond Yield में गिरावट से संकेत मिलता है कि भारतीय शेयर बाजार में भी शुरुआती कारोबार मजबूत रह सकता है।
निवेशकों के लिए आज ग्लोबल संकेतों, बॉन्ड यील्ड और कमोडिटी मूवमेंट पर नजर बनाए रखना अहम रहेगा।
