Continuity Budget की उम्मीद Capex, Manufacturing और Fiscal Discipline पर रहेगा फोकस
आगामी Union Budget को लेकर बाजार में उम्मीदें तेज़ हैं। Equentis Wealth Advisory Services के Chief Investment Officer (CIO) जसप्रीत सिंह अरोड़ा का मानना है कि इस बार सरकार एक Continuity Budget पेश कर सकती है, जिसमें मौजूदा नीतियों और योजनाओं को आगे बढ़ाने पर ज़ोर रहेगा।
उन्होंने Moneycontrol को दिए इंटरव्यू में कहा कि बजट में किसी बड़े बदलाव की बजाय ग्रोथ-ओरिएंटेड रणनीति को मज़बूत किया जा सकता है।
Capex पर रहेगा सरकार का फोकस
जसप्रीत सिंह अरोड़ा के अनुसार, Capital Expenditure (Capex) में इस बार करीब 11–13% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

सरकार का फोकस—
- Infrastructure Development
- Manufacturing Push
- Long-term Growth
पर बना रह सकता है। इसके साथ ही AI और Semiconductor Sector के लिए बेहतर Incentives दिए जा सकते हैं, ताकि भारत को एक Global Manufacturing Powerhouse के रूप में स्थापित किया जा सके।
PLI Scheme से Sunrise Industries को मिलेगा बूस्ट
CIO के मुताबिक PLI Scheme के जरिए कई Sunrise Sectors को बड़ा सपोर्ट मिल सकता है, जिनमें
- Defence
- Electronics
- Artificial Intelligence (AI)
- Nuclear Energy
- Critical Minerals
शामिल हैं। सरकार इन क्षेत्रों में Domestic Manufacturing और Private Investment को तेज़ करना चाहती है, जिससे रोजगार और निर्यात दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
RBI Policy Rate Cut नहीं, Liquidity Support पर जोर
आरबीआई की आगामी Monetary Policy को लेकर अरोड़ा का मानना है कि—
- पूरी तरह Monetary Easing की संभावना कम है
- Liquidity Support और
- बेहतर Rate Transmission पर ज़ोर दिया जा सकता है
आरबीआई के हालिया कदम पहले से ही इस दिशा में संकेत दे रहे हैं, जिससे साफ है कि सेंट्रल बैंक Growth और Financial Stability के बीच संतुलन बनाए रखना चाहता है।
Budget में Reforms के साथ Fiscal Discipline
इस बार के बजट में Reforms और Fiscal Discipline साथ-साथ चलते दिख सकते हैं।
सरकार—
- Fiscal Consolidation Path पर बनी रहेगी
- Fiscal Deficit को GDP के करीब 4.4% पर रखने का लक्ष्य हो सकता है
खर्च का रुख मुख्य रूप से Capex और Development Spending की ओर रहेगा, न कि केवल Revenue Expenditure पर।
Defence और Infrastructure को मिल सकता है ज्यादा Allocation
बजट में Capex Growth लो-टीन डिजिट में रहने की संभावना है।
जिन सेक्टर्स को ज्यादा बजट एलोकेशन मिल सकता है—
- Defence
- Infrastructure
- Energy Transition
- Electronics
- Critical Minerals
ये सभी सेक्टर्स भारत की Long-term Strategic Growth के लिए अहम माने जा रहे हैं।
PLI Expansion और Ease of Doing Business पर जोर
सरकार के सुधार एजेंडा में इस बार खास फोकस हो सकता है
- Deregulation
- Ease of Doing Business
- PSU Disinvestment
- Credit Guarantee Schemes
- AI, Robotics और Semiconductor में PLI Expansion
सरकार बड़े पैमाने पर Tax Cuts देने के बजाय Private Investment-led Growth Model को प्राथमिकता दे सकती है।
India Growth Outlook FY27 में मजबूत शुरुआत
भारत FY27 में मजबूत ग्रोथ के साथ प्रवेश करता नजर आ रहा है—
- FY26 में अब तक 7.4% Real GDP Growth
- Inflation करीब 2% पर स्थिर
इस बैकड्रॉप में Continuity Budget से ग्रोथ मोमेंटम बनाए रखने और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Government Focus Long-term Fiscal Health
सरकार का लक्ष्य Long-term Fiscal Stability को मजबूत करना है—
- Debt-to-GDP Ratio
- वर्तमान ~81%
- लक्ष्य (FY31) ~50%
FY27 के लिए Fiscal Deficit Target GDP का लगभग 4.4% रखा जा सकता है।
Market Expectations बड़े Relief Package की उम्मीद कम
बाजार को इस साल किसी बड़े Relief Package की उम्मीद नहीं है। हालांकि—
- MSME Sector
- Export-oriented Industries
के लिए Targeted Tax Credit और Incentives दिए जा सकते हैं, खासकर उन सेक्टर्स को जो Trump Tariff Impact से प्रभावित हो सकते हैं।
Trade Strategy Diversify and Defend
सरकार Tariff War Risk से निपटने के लिए पहले से ही “Diversify and Defend Strategy” पर काम कर रही है—
- UK, Oman और EU Trade Deals को तेज़ करना
- USA पर निर्भरता कम करना
इसके साथ ही Export Promotion Mission शुरू किया जा रहा है, जिस पर करीब ₹25,060 करोड़ खर्च किए जाएंगे ताकि टैरिफ के असर को कम किया जा सके।
निष्कर्ष (Conclusion)
आगामी Union Budget से बाजार को किसी बड़े झटके या बड़े राहत पैकेज की बजाय Stability, Capex Growth और Policy Continuity की उम्मीद है।
यह बजट भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, निजी निवेश और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को मजबूती देने वाला साबित हो सकता है।
