Global Market में Gold और Silver ने बनाया नया रिकॉर्ड

Global Market में Gold और Silver ने बनाया नया रिकॉर्ड

सोमवार, 26 जनवरी को Global Market में Gold और Silver दोनों ने नया record high बना लिया। बढ़ते geopolitical tensions और policy uncertainty के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों (safe haven assets) की ओर रुख किया, जिससे कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।

Gold price 1.5% से ज्यादा उछलकर $5,000 प्रति ounce के ऊपर पहुंच गया, जबकि Silver ने $110.88 प्रति ounce का नया all-time high छू लिया। एक ही दिन में चांदी में 6% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।


Gold की ऐतिहासिक तेजी के पीछे बड़े कारण

Gold में आई इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं।
Ukraine war, Gaza conflict, Venezuela पर US का नया एक्शन और दुनिया भर में बढ़ते geopolitical risks ने निवेशकों की risk appetite को कमजोर किया है।

इसके अलावा US President Donald Trump की trade policy ने भी global markets में अनिश्चितता बढ़ा दी है। Canada पर 100% tariff लगाने की धमकी जैसे बयानों से global trade को लेकर चिंता और गहरी हो गई है, जिसका सीधा फायदा Gold को मिला है।


Macro Economic Factors ने Gold और Silver को दिया मजबूत सपोर्ट

Geopolitical तनाव के साथ-साथ कई macro economic factors भी Gold और Silver को सपोर्ट कर रहे हैं

  • Inflation ऊंचे स्तर पर बनी हुई है
  • US Dollar कमजोर हुआ है
  • Central banks की लगातार खरीदारी
  • US Fed rate cut की उम्मीद

जब equity market और bond market जैसे पारंपरिक asset classes अनिश्चित दिखते हैं, तब निवेशक Gold और Silver जैसे safe haven assets की ओर तेजी से शिफ्ट करते हैं।


Gold बना ‘Geopolitical Insurance’

Anand Rathi के अनुसार, Gold और Silver में मौजूदा तेजी को सिर्फ short-term rally नहीं माना जाना चाहिए। यह global economic system में हो रहे structural बदलाव को दर्शाती है, जहां अब फैसले केवल efficiency के आधार पर नहीं, बल्कि power politics से प्रभावित हो रहे हैं।

Trade sanctions, technology restrictions और energy security जैसे मुद्दों ने खुले capital flows की जगह ले ली है। ऐसे माहौल में Gold अब सिर्फ inflation hedge नहीं, बल्कि एक तरह का “geopolitical insurance” बन गया है।


Fiscal Deficit और Fiat Currency पर बढ़ती चिंता

लगातार बढ़ते fiscal deficit और central banks की balance sheet expansion ने fiat currencies पर भरोसा कमजोर किया है। इसी वजह से Gold की रणनीतिक अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

अनिश्चित और अस्थिर वैश्विक माहौल में Gold को अब केवल निवेश नहीं, बल्कि strategic asset के तौर पर देखा जा रहा है।


Central Banks की खरीदारी से Gold पर भरोसा मजबूत

2010 के बाद से central banks की Gold खरीद लगातार मजबूत बनी हुई है।

  • 2018 के बाद इसमें तेज़ी आई
  • 2022 के बाद यह trend और ज्यादा मजबूत हुआ

Reserve managers अब Dollar और Euro पर निर्भरता कम करना चाहते हैं और reserves को ज्यादा diversified और secure बनाना चाहते हैं। Currency concentration और reserves को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने का डर इसकी बड़ी वजह है।

Gold की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें कोई counterparty risk नहीं होता और यह किसी एक देश या payment system के नियंत्रण में नहीं रहता।


Market गिरने पर Gold की भूमिका

Long-term data बताता है कि जब markets में तेज गिरावट आती है, तब Gold का equity correlation कम या negative रहता है।
हालांकि equities लंबे समय में बेहतर return दे सकती हैं, लेकिन अस्थिरता के दौर में Gold portfolio को balance करने का काम करता है।

इसी वजह से Gold को trading asset की बजाय strategic allocation माना जाता है।


Silver की कहानी Gold से क्यों अलग है?

Silver को Gold की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। Silver एक hybrid asset है —

  • आंशिक रूप से monetary metal
  • आंशिक रूप से industrial commodity

इसी कारण Silver में volatility ज्यादा होती है और इसकी चाल सीधे economic cycle से जुड़ी रहती है।

दुनिया की करीब 60% Silver, Copper, Zinc और Lead जैसी base metals की mining से by-product के तौर पर निकलती है, जिससे इसकी supply ज्यादा flexible नहीं होती।


Silver की आगे की चाल किन फैक्टर्स पर निर्भर करेगी?

हालिया तेजी मुख्य रूप से

  • गिरती real interest rates
  • reflation expectations
  • Gold के मुकाबले लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन के बाद आई catch-up rally

का नतीजा है। Brokerage का मानना है कि यह phase अब काफी हद तक पूरा हो चुका है।

आगे Silver की दिशा industrial demand तय करेगी, जिसमें:

  • Solar power
  • Electric Vehicles (EVs)
  • Electrification

सबसे बड़े growth drivers रहेंगे।

इतिहास बताता है कि Silver risk-on environment में बेहतर प्रदर्शन करती है, जबकि geopolitical तनाव बढ़ने पर कमजोर पड़ती है। इसी वजह से Silver को defensive hedge नहीं, बल्कि tactical या satellite investment के तौर पर देखा जाता है।


निष्कर्ष

Gold की मौजूदा तेजी global uncertainty और structural बदलावों का नतीजा है, जबकि Silver की चाल economic cycle और industrial demand से जुड़ी रहेगी। निवेशकों के लिए Gold अब stability का प्रतीक बन चुका है, वहीं Silver high-risk, high-reward opportunity की तरह बनी हुई है।

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