जनवरी में भारतीय बाजारों पर FII बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स-निफ्टी 4% से ज्यादा टूटे

जनवरी में भारतीय बाजारों पर FII बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स-निफ्टी 4% से ज्यादा टूटे

जनवरी महीने में भारतीय शेयर बाजारों में Foreign Institutional Investors (FII) की बिकवाली लगातार जारी रही।
कमजोर रुपया, उम्मीद से कम कॉरपोरेट अर्निंग्स, बढ़ते geopolitical risks और नए टैरिफ से जुड़ी चिंताओं के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर भारी दबाव देखने को मिला।


सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट

इस महीने अब तक

  • 30 शेयरों वाला BSE Sensex करीब 3,683 अंक या 4.32% टूट चुका है
  • 50 शेयरों वाला NSE Nifty लगभग 1,081 अंक या 4.1% की गिरावट दर्ज कर चुका है

यह गिरावट ऐसे समय आई है जब निवेशक Union Budget से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।


बजट से पहले जनवरी में गिरावट का पुराना पैटर्न

इतिहास पर नजर डालें तो जनवरी महीने में बजट से पहले बाजारों में कमजोरी कोई नई बात नहीं है।
अक्सर देखा गया है कि

  • गणतंत्र दिवस के बाद बजट से पहले बाजारों में तेज गिरावट आती है
  • इसके बाद बजट के आसपास या बाद में रिकवरी देखने को मिलती है

पिछले वर्षों में भी जनवरी रहा कमजोर

जनवरी 2025 में भी बाजार दबाव में रहा था

  • BSE Sensex जनवरी 2025 में 638.44 अंक या 0.81% गिरा था

इसके अलावा

  • जनवरी 2024, 2023, 2022, 2021 और 2020
    इन सभी वर्षों में भी सेंसेक्स और निफ्टी ने नकारात्मक प्रदर्शन किया था, जिससे यह साफ होता है कि जनवरी ऐतिहासिक रूप से बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण महीना रहा है।

कच्चा तेल और बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाया दबाव

इक्विटी मार्केट में बिकवाली की एक बड़ी वजह

  • कच्चे तेल की ऊंची कीमतें
  • Global bond yields में तेजी

इन दोनों फैक्टर्स ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कमजोर किया, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजारों पर पड़ा।


निष्कर्ष

जनवरी में FII की लगातार बिकवाली, कमजोर रुपये और वैश्विक अनिश्चितताओं ने बाजार की चाल को प्रभावित किया है। हालांकि, ऐतिहासिक ट्रेंड बताते हैं कि बजट के बाद बाजारों में स्थिरता और रिकवरी की संभावना बनी रहती है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजरें अब Union Budget और global cues पर टिकी रहेंगी।

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