शेयर मार्केट में तीसरे दिन भी गैपअप ओपनिंग, निफ्टी पॉज़िटिव क्लोज
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गैपअप ओपनिंग देखने को मिली। हालांकि ऊपरी स्तरों से प्रॉफिट बुकिंग का दबाव बना, लेकिन इसके बावजूद निफ्टी ने दिन का अंत बढ़त के साथ किया।
निवेशकों के लिए यह संकेत है कि बाजार में फिलहाल बुल्स की पकड़ बनी हुई है, भले ही ऊपरी स्तरों पर हल्की बिकवाली देखी जा रही हो।
निफ्टी और सेंसेक्स का क्लोजिंग डेटा
- निफ्टी 50 19 अंकों की बढ़त के साथ 25,954 पर बंद
- सेंसेक्स 40 अंकों की हल्की गिरावट के साथ 84,234 पर बंद
- निफ्टी डे हाई 26,009
हालांकि सेंसेक्स में हल्की कमजोरी रही, लेकिन निफ्टी की पॉजिटिव क्लोजिंग यह दिखाती है कि बाजार में कुल मिलाकर सकारात्मक धारणा बनी हुई है।
ऊपरी स्तरों से प्रॉफिट बुकिंग का दबाव
ट्रेडिंग सेशन के दौरान निफ्टी ने 26,000 के ऊपर का स्तर छुआ, लेकिन वहां से कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली।
यह सामान्य बाजार व्यवहार है, खासकर तब जब लगातार कई दिन तेजी देखने को मिलती है।
निफ्टी का नया सपोर्ट लेवल क्या है?
पहले निफ्टी का प्रमुख सपोर्ट लेवल 25,800 था।
लेकिन अब बाजार की मजबूती के चलते यह सपोर्ट ऊपर शिफ्ट होकर 25,900 के आसपास आ गया है।
यह बदलाव बताता है कि बाजार धीरे-धीरे ऊपरी स्तरों पर स्थिर हो रहा है।

डेली चार्ट पर मजबूत टेक्निकल संकेत
निफ्टी के डेली चार्ट पर पिछले तीन दिनों की कैंडल्स का विश्लेषण करने पर एक अहम संकेत मिलता है:
- किसी भी कैंडल ने अपनी पिछली कैंडल का लो ब्रेक नहीं किया है।
- यह Higher Low Structure को दर्शाता है।
- यह बुलिश ट्रेंड का मजबूत संकेत माना जाता है।
जब बाजार लगातार Higher Lows बनाता है, तो यह संकेत देता है कि खरीदार सक्रिय हैं और गिरावट पर खरीदारी हो रही है।
आगे की रणनीति क्या हो सकती है?
- 25,900 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में मजबूती बनी रह सकती है।
- 26,000–26,100 के स्तर पर अगला रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
- नीचे की ओर 25,900 अहम सपोर्ट रहेगा।
ट्रेडर्स को ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग के संकेतों पर नजर रखनी चाहिए और Risk Management का पालन करना चाहिए।
निष्कर्ष
लगातार तीसरे दिन गैपअप ओपनिंग और निफ्टी की पॉजिटिव क्लोजिंग यह दिखाती है कि बाजार में फिलहाल मजबूती बनी हुई है।
टेक्निकल चार्ट पर Higher Low Structure और सपोर्ट लेवल का ऊपर शिफ्ट होना बुलिश संकेत दे रहा है। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
