Silver ETFs में तेज गिरावट, कीमतों में हल्की तेजी के बावजूद दबाव

Silver ETFs में तेज गिरावट, कीमतों में हल्की तेजी के बावजूद दबाव

शुक्रवार, 13 फरवरी को चांदी की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली, लेकिन इसके उलट Silver ETFs में तेज गिरावट दर्ज की गई। दिनभर के कारोबार के दौरान कई प्रमुख Silver Exchange Traded Funds 5% से 7% तक टूट गए।

हालांकि स्पॉट और फ्यूचर्स बाजार में हल्की रिकवरी दिखी, लेकिन ETF सेगमेंट में निवेशकों ने आक्रामक मुनाफावसूली की।


Strong Dollar का असर Precious Metals पर दबाव

जनवरी के अमेरिकी जॉब मार्केट डेटा उम्मीद से बेहतर रहे। इससे यह संकेत मिला कि निकट भविष्य में Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो सकती है।

इस खबर के बाद US Dollar मजबूत हुआ, जिसका सीधा असर Gold और Silver जैसी Precious Metals पर पड़ा।

बाजार में यह भी चर्चा रही कि Russia संभावित आर्थिक समझौते के तहत Dollar Settlement System में वापसी पर विचार कर सकता है। इस तरह की खबरों ने भी डॉलर को सहारा दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब Dollar मजबूत होता है तो Silver जैसी धातुएं अन्य करेंसी में महंगी हो जाती हैं। इससे वैश्विक मांग घटती है और कीमतों पर दबाव बनता है।


प्रमुख Silver ETFs में 5–7% तक गिरावट

Dollar की मजबूती के बीच निवेशकों ने Silver ETFs में तेज बिकवाली की।

  • Tata Asset Management का Tata Silver ETF करीब 7% गिरा।
  • Nippon India Mutual Fund का Nippon India Silver ETF लगभग 6.5% टूटा।
  • Zerodha का Silver ETF करीब 6.26% गिरा।
  • HDFC Mutual Fund का HDFC Silver ETF लगभग 6.6% नीचे आया।
  • ICICI Prudential Mutual Fund का Silver ETF करीब 6.2% गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।

हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने Profit Booking की, जिससे गिरावट और तेज हो गई।

इसके अलावा, चांदी उत्पादन से जुड़ी प्रमुख कंपनी Hindustan Zinc के शेयरों में भी करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई।


MCX और COMEX पर हल्की रिकवरी

ETF सेगमेंट में दबाव के बावजूद फ्यूचर्स बाजार में हल्की रिकवरी देखने को मिली।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर Silver Futures लगभग 1.8% उछलकर 77.18 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए।

वहीं भारत में Multi Commodity Exchange (MCX) पर 5 मार्च 2026 डिलीवरी वाली Silver Futures करीब 3% उछलकर ₹2,43,000 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई।

यह संकेत देता है कि निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी उभर रही है।


क्या आगे भी Silver ETFs में दबाव रहेगा?

बाजार की दिशा काफी हद तक US Dollar और Federal Reserve की आगामी नीतियों पर निर्भर करेगी।

अगर डॉलर में मजबूती जारी रहती है, तो Silver ETFs पर दबाव बना रह सकता है। वहीं यदि फ्यूचर्स बाजार में रिकवरी टिकाऊ रहती है, तो निचले स्तरों से निवेशकों की दोबारा एंट्री देखने को मिल सकती है।


निष्कर्ष

Strong Dollar और बेहतर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के चलते Silver ETFs में तेज गिरावट दर्ज की गई। हालांकि MCX और COMEX पर हल्की रिकवरी से यह संकेत मिल रहा है कि निचले स्तरों पर खरीदारी हो रही है।


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