Gold Price में रिकॉर्ड तेजी और अचानक गिरावट


29 जनवरी को Gold Price प्रति औंस $5,594 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि अगले ही दिन इसमें करीब 10% की तेज गिरावट दर्ज की गई।
इस असामान्य उतार-चढ़ाव ने बाजार में यह बहस छेड़ दी है कि क्या Gold अब भी पारंपरिक Safe Haven Asset है या इसमें बड़े पैमाने पर Speculative Flow आने लगा है।
अमेरिका का नजरिया
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने Fox News के कार्यक्रम Sunday Morning Futures में कहा कि Gold की कीमतों में तेज उठा-पटक चीन के बाजारों में उथल-पुथल को दर्शाती है।
उनके अनुसार
- चीन में Margin Requirements सख्त करनी पड़ी
- हालात “Classical Speculative Blowoff” जैसे दिख रहे हैं
हाल के दिनों में चीनी नियामकों ने असामान्य उतार-चढ़ाव के बीच Gold Trading पर Margin बढ़ाया है।
China की बढ़ती भूमिका
विश्लेषकों के अनुसार मौजूदा तेजी के पीछे मुख्य कारण China है।
- Chinese Gold ETFs की होल्डिंग्स 2025 की शुरुआत से दोगुनी से अधिक
- Shanghai Futures Exchange पर Trading Volume में तेज वृद्धि
- World Gold Council के अनुसार दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 457 टन से बढ़कर 540 टन तक पहुंचा
यह डेटा संकेत देता है कि बाजार में भागीदारी और सट्टा गतिविधि दोनों बढ़ी हैं।
ETFs, Futures और Speculative Inflow
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की तेजी को
ETF Inflows
Physical Gold Bars की मांग
Futures Positioning
से समर्थन मिला है।
लेकिन Futures Contracts में बढ़ते Leverage के कारण बाजार में अस्थिरता भी बढ़ी है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह खरीदारी सुरक्षित निवेश से ज्यादा सट्टेबाजी की ओर संकेत करती है।
De-Dollarization और Strategic Shift
People’s Bank of China ने लगातार 15 महीनों तक अपना Gold Reserve बढ़ाकर लगभग 2,300 टन कर लिया है।
साथ ही China की US Treasury Holdings में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार
- China ‘De-Dollarization Strategy’ अपना रहा है
- अमेरिकी आर्थिक दबाव के जोखिम को कम करने की कोशिश
- Reserve Diversification पर जोर
घरेलू निवेशकों का रुझान
ANZ Research के अनुसार
- कमजोर Property Market
- सीमित Alternative Investment Options
- बैंकों में लगभग 1% Interest Rate
इन कारणों से Chinese निवेशक Gold की ओर आकर्षित हुए हैं।
फिलहाल Chinese Household Assets में Gold की हिस्सेदारी लगभग 1% है, जो भविष्य में 5% तक पहुंच सकती है।
क्या Safe Haven की छवि बदल रही है?
Gold पारंपरिक रूप से:
मुद्रास्फीति से बचाव
वैश्विक अनिश्चितता में सुरक्षा मुद्रा अवमूल्यन के खिलाफ हेज
के रूप में जाना जाता है।
लेकिन वर्तमान हालात में
- ETF और Futures में Leverage
- Margin Trading
- तेज कीमतों का उछाल और गिरावट
यह संकेत दे रहे हैं कि Safe Haven के साथ-साथ अब Speculative Angle भी मजबूत हो चुका है।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
विश्लेषकों के अनुसार Gold की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे:
- China की Regulatory Policies
- Global Liquidity Conditions
- US Dollar Movement
- ETF और Futures में Leverage
यदि सट्टा गतिविधि जारी रही तो Gold Price Volatility बनी रह सकती है।
निष्कर्ष
Gold की हालिया रिकॉर्ड तेजी और अचानक गिरावट यह दर्शाती है कि बाजार में Safe Haven Demand और Speculative Flow दोनों सक्रिय हैं।
आने वाले महीनों में China की नीतियां और वैश्विक आर्थिक संकेतक Gold के ट्रेंड को दिशा देंगे।
निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रणनीति और जोखिम प्रबंधन अपनाने का है।
