MCX पर सोना 1% टूटा, मुनाफावसूली का असर


घरेलू बाजार में आई नरमी का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी जुड़ा रहा।
COMEX पर स्पॉट गोल्ड 5,027.40 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जो 18.90 डॉलर (करीब 0.4%) नीचे था।
वहीं डॉलर इंडेक्स 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले बढ़कर 97 तक पहुंच गया। आम तौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता है क्योंकि गोल्ड डॉलर में मूल्यांकित होता है।
रिकॉर्ड हाई से 24% नीचे आ चुका है सोना
इस महीने सोना पहले ही अपने रिकॉर्ड उच्चतम स्तर ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम से करीब 24% यानी लगभग ₹37,600 टूट चुका है।
यानि ऊंचाई से अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है और फिलहाल कीमतें सीमित दायरे (Range Bound) में घूम रही हैं।
एक्सपर्ट की राय तेजी की रफ्तार फिलहाल धीमी
LKP Securities के कमोडिटी रिसर्च प्रमुख जतीन त्रिवेदी के अनुसार, ₹1,62,000–₹1,63,000 के स्तर तक तेजी से पहुंचने के बाद सोने की चाल सुस्त पड़ी है।
उनका कहना है कि जब तक कोई नया पॉजिटिव ट्रिगर (जैसे वैश्विक अनिश्चितता, ब्याज दरों में कटौती या भू-राजनीतिक तनाव) सामने नहीं आता, तब तक बड़ी तेजी की संभावना सीमित है।
टेक्निकल एनालिसिस ‘लोअर हाई’ पैटर्न से सावधानी का संकेत
चार्ट पर फिलहाल Lower High Pattern बनता दिख रहा है। इसका मतलब है कि हर नई तेजी पिछली ऊंचाई से नीचे रुक रही है—जो कमजोर ट्रेंड का संकेत माना जाता है।
नजदीकी रेजिस्टेंस (ऊपरी रुकावट)
- ₹1,55,800–₹1,56,000
- ₹1,58,500–₹1,60,000 (बड़ा रेजिस्टेंस ज़ोन)
सपोर्ट लेवल (नीचे सहारा)
- ₹1,53,000 (पहला सपोर्ट)
- ₹1,52,000–₹1,50,500 (मजबूत सपोर्ट ज़ोन)
अगर ₹1,52,000 के नीचे टिकाऊ गिरावट आती है, तो कीमत ₹1,48,500 तक फिसल सकती है।
निवेशकों के लिए रणनीति क्या हो?
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को रेजिस्टेंस जोन के पास सतर्क रहना चाहिए।
- सपोर्ट टूटने पर स्टॉप लॉस का पालन जरूरी है।
- डॉलर इंडेक्स और ग्लोबल संकेतों पर नजर रखें।
- लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट में चरणबद्ध खरीदारी (SIP स्टाइल) पर विचार कर सकते हैं।
निष्कर्ष
फिलहाल सोने की कीमतें दबाव में हैं और टेक्निकल चार्ट भी कमजोरी का संकेत दे रहे हैं। जब तक कोई बड़ा सकारात्मक ट्रिगर नहीं आता, तब तक गोल्ड में सीमित दायरे में कारोबार रहने की संभावना है।
