Cipla में LIC का भरोसा बढ़ा
देश की सबसे बड़ी घरेलू संस्थागत निवेशक Life Insurance Corporation of India (LIC) ने फार्मा कंपनी Cipla में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है।
पिछले तीन महीनों में LIC ने अतिरिक्त शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी 2% से अधिक बढ़ाई है। अब कंपनी में LIC की हिस्सेदारी 9.09% हो गई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि संस्थागत निवेशक को कंपनी की दीर्घकालिक संभावनाओं पर भरोसा है।
शुक्रवार को Cipla का स्टॉक 0.68% की तेजी के साथ ₹1,338 पर बंद हुआ। हालांकि यह अभी भी अपने हालिया लो लेवल ₹1,281 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
Jefferies ने घटाई रेटिंग, टारगेट ₹1,170
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Cipla की रेटिंग घटाकर “Underperform” कर दी है।
मुख्य कारण
- प्रमुख प्रोडक्ट ग्रेवलिमिड और लैनरियोटाइड की बिक्री में गिरावट
- FY26 के लिए EBITDA मार्जिन अनुमान में 175–300 बेसिस प्वाइंट की कटौती
- FY26–FY28 के EPS अनुमान में 19–21% तक की कमी
Jefferies ने स्टॉक का टारगेट प्राइस ₹1,170 तय किया है, जो मौजूदा स्तर से नीचे है।

Morgan Stanley ने भी बरकरार रखी ‘Underweight’ रेटिंग
दूसरी बड़ी ब्रोकरेज Morgan Stanley ने भी Cipla पर अपनी “Underweight” रेटिंग कायम रखी है।
प्रमुख बिंदु
- टारगेट प्राइस घटाकर ₹1,292 किया
- ग्रेवलिमिड के चरणबद्ध बंद होने का असर
- लैंरेओटाइड की सप्लाई समस्याएं
- FY26 की चौथी तिमाही में प्रदर्शन पर दबाव
ब्रोकरेज ने FY26 के लिए आय अनुमान में 2% और FY27 के लिए 1% की कटौती की है।
साथ ही चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई से जुड़ी समस्याएं लंबी चलीं, तो कंपनी मार्केट शेयर खो सकती है।
क्या कहती है बाजार की तस्वीर?
एक तरफ LIC जैसे बड़े निवेशक की बढ़ती हिस्सेदारी सकारात्मक संकेत देती है।
दूसरी तरफ, ब्रोकरेज फर्म्स के कमजोर अनुमान अल्पकालिक दबाव की ओर इशारा कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए प्रमुख सवाल
क्या मौजूदा गिरावट लॉन्ग टर्म अवसर है?
क्या प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में सुधार से ग्रोथ वापसी संभव है?
FY26–FY28 में मार्जिन दबाव कितना गंभीर रहेगा?
