Eternal Share Price: 8 दिन की लगातार गिरावट, Block Deal के बाद दबाव | Bernstein ने रखा ₹370 Target
Eternal के शेयरों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 26 फरवरी को लगातार आठवें कारोबारी दिन स्टॉक में कमजोरी दर्ज की गई। यह पिछले चार वर्षों में सबसे लंबा गिरावट का दौर माना जा रहा है।
Eternal, Zomato और quick commerce platform की parent company है, इसलिए इसके प्रदर्शन पर बाजार की खास नजर रहती है।
Block Deal के बाद बढ़ा दबाव
26 फरवरी को शुरुआती कारोबार में शेयर हल्की तेजी में था, लेकिन एक बड़े block deal के बाद तेजी पूरी तरह खत्म हो गई।
Block Deal डिटेल्स
- लगभग 9.7 करोड़ शेयरों का लेनदेन
- कंपनी की कुल equity का ~1%
- औसत कीमत ₹247.75 प्रति शेयर
- कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू ~₹2,403 करोड़
हालांकि buyer और seller की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इतने बड़े सौदे के बाद short-term supply pressure बढ़ गया, जिससे stock दबाव में आ गया।

चार साल में सबसे लंबी गिरावट
इससे पहले अप्रैल–मई 2022 के दौरान stock लगातार 9 कारोबारी दिन गिरा था।
मौजूदा स्थिति
- शेयर भाव ₹249.6 के आसपास
- आज की गिरावट ~0.2%
- पिछले 8 दिनों में कुल गिरावट ~13%
- जून 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर
यह संकेत देता है कि short-term sentiment कमजोर है।
Brokerage View Bernstein अब भी Positive
हालिया गिरावट के बावजूद brokerage firm Bernstein ने 25 फरवरी की रिपोर्ट में Eternal पर भरोसा जताया है।
Bernstein Rating
- Rating Outperform
- Target Price ₹370
Brokerage का कहना है कि भारतीय quick commerce sector के fundamentals मजबूत हैं।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाली कुछ तिमाहियों में AI से जुड़ी खबरों के कारण volatility बनी रह सकती है।
Analyst Rating Summary
- कुल analysts 33
- ‘Buy’ Rating 30
- ‘Sell’ Rating 3
Majority brokerage firms long-term outlook को लेकर positive हैं।
Short-Term vs Long-Term View
| Factor | Impact |
|---|---|
| 8-Day गिरावट | Short-term Negative |
| Block Deal | Supply Pressure |
| Analyst Majority Buy | Long-term Positive |
| Quick Commerce Growth | Structural Support |
क्या करें निवेशक?
Block deal के बाद stabilization के संकेत देखना जरूरी
Short-term traders: volatility और technical support levels पर नजर रखें
Long-term investors: fundamentals और sector growth पर फोकस करें
