US–Iran Tension के बीच भी Defence Stocks में कमजोरी
United States और Iran के बीच बढ़ते geopolitical tension के बावजूद भारतीय defence stocks में गुरुवार को खास तेजी देखने को नहीं मिली।
Nifty India Defence Index लगातार दूसरे trading session में गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
पिछले दो ट्रेडिंग सेशंस में यह index लगभग 2% से ज्यादा गिर चुका है।
गुरुवार को index के 18 में से केवल 5 stocks हरे निशान में थे, जबकि बाकी शेयर गिरावट में ट्रेड करते दिखे।
सबसे ज्यादा कमजोरी जिन शेयरों में देखने को मिली उनमें शामिल हैं
- Dynamatic Technologies
- Paras Defence and Space Technologies

Defence Export बढ़ा, फिर भी Market में ठंडा रुख
दिलचस्प बात यह है कि defence stocks में यह कमजोरी ऐसे समय में दिख रही है जब भारत का defence export लगातार बढ़ रहा है।
India का defence export FY25 में बढ़कर लगभग ₹23,600 करोड़ तक पहुंच गया है।
सरकार ने इसे FY29 तक ₹50,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
इससे साफ है कि international market में भारतीय रक्षा उपकरणों की मांग लगातार बढ़ रही है।
Middle East देशों से बढ़ सकते हैं Export Opportunities
Middle East के कई देश geopolitical tension के समय अपना defence budget बढ़ा देते हैं।
इनमें प्रमुख देश शामिल हैं
- Saudi Arabia
- United Arab Emirates
- Qatar
- Bahrain
Analysts का अनुमान है कि अगर इन देशों के defence budget में 10–15% की बढ़ोतरी होती है, तो भारत जैसे उभरते suppliers के लिए ₹25,000 से ₹40,000 करोड़ तक के अतिरिक्त export opportunities बन सकते हैं।
पहले जैसी तेजी क्यों नहीं दिख रही
Russia–Ukraine War जैसे पिछले संघर्षों के दौरान defence stocks में तेज उछाल देखने को मिला था।
लेकिन इस बार अभी तक वैसी तेजी नहीं आई है। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं।
1. बदल रही है War Technology
मौजूदा युद्धों में technology तेजी से बदल रही है।
अब कम कीमत वाले drones और loitering munitions भी युद्ध में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
उदाहरण के लिए
- Shahed loitering munition की कीमत करीब $20,000 होती है
लेकिन इन्हें रोकने के लिए कई बार ऐसे air defence systems का इस्तेमाल करना पड़ता है जिनकी कीमत लाखों डॉलर तक हो सकती है।
इस वजह से अब इन technologies की मांग तेजी से बढ़ रही है
- Counter-drone systems
- Multi-layer air defence
- Electronic warfare systems
भारतीय Defence Companies को मिल सकता है फायदा
Analysts के अनुसार आने वाले समय में कुछ भारतीय defence कंपनियां इससे फायदा उठा सकती हैं।
संभावित लाभार्थी कंपनियां
- Bharat Electronics Limited – Radar और electronic warfare systems
- Bharat Dynamics Limited – Missile systems
- Data Patterns India – Mission critical electronics
- Zen Technologies – Counter-drone systems
2. Investors का Focus अब Execution पर
Experts का कहना है कि कई defence कंपनियों की order book मजबूत है और आगे भी नए orders मिलने की संभावना है।
लेकिन अब investors केवल order announcements नहीं देख रहे, बल्कि कंपनियों की execution capability पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
पहले के संघर्षों के दौरान defence stocks में तेजी का बड़ा कारण liquidity और momentum था।
अब market पहले ही future demand और order book को काफी हद तक stock prices में discount कर चुका है।
3. Supply Chain की समस्या भी चिंता
Analysts का मानना है कि supply chain issues भी defence sector stocks पर दबाव डाल सकते हैं।
कई defence platforms के लिए जरूरी special components और imported subsystems की उपलब्धता में दिक्कत आने से project timelines प्रभावित हो सकती हैं।
Long Term Outlook अभी भी मजबूत
मौजूदा कमजोरी के बावजूद analysts defence sector को लंबी अवधि के लिए सकारात्मक मान रहे हैं।
भारत की बढ़ती
- Defence manufacturing capability
- Export growth
- Government support
इन तीनों वजहों से सेक्टर की long-term growth story मजबूत मानी जा रही है।
Investors के लिए Strategy
Experts का मानना है कि इस समय investors को जल्दबाजी से बचना चाहिए।
मौजूदा कमजोरी का फायदा उठाकर
- Strong earnings potential
- Healthy order book
- Reasonable valuation
वाले defence stocks को धीरे-धीरे accumulate किया जा सकता है।
लंबी अवधि में यह sector भारत की बढ़ती defence manufacturing और export growth के कारण बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
