मंगलवार को बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार, लेकिन जल्दी ही दिखा दबाव
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। शुरुआती बढ़त के बाद बाजार में अचानक बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों का मूड एक बार फिर सतर्क हो गया।
पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट के बाद सोमवार को बाजार में हल्की रिकवरी देखने को मिली थी। उसी का असर मंगलवार के ओपनिंग सेशन में भी नजर आया, जहां प्रमुख इंडेक्स मजबूती के साथ खुले।
ओपनिंग में मजबूत शुरुआत
मंगलवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत में दोनों प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में खुले।
- सेंसेक्स 324 अंकों की बढ़त के साथ 75,827 के स्तर पर खुला
- निफ्टी 50 84 अंकों की तेजी के साथ 23,493 पर ओपन हुआ
यह संकेत था कि बाजार में रिकवरी जारी रह सकती है, लेकिन जल्द ही हालात बदल गए।
शुरुआती तेजी के बाद क्यों आई गिरावट?
ओपनिंग के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और निफ्टी 23,400 के स्तर से नीचे फिसल गया। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण ग्लोबल अनिश्चितता और जियो-पॉलिटिकल टेंशन रहा।
मिडिल ईस्ट तनाव बना मुख्य कारण
Middle East में चल रहे तनाव का असर लगातार ग्लोबल मार्केट्स पर देखा जा रहा है। अभी तक इस संघर्ष का कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है और दोनों पक्षों के बीच हमले जारी हैं।
हालांकि, कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी जारी है, लेकिन निवेशकों के लिए स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
क्रूड ऑयल की कीमतों का असर
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।
तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण
- महंगाई बढ़ने का खतरा
- कंपनियों की लागत पर असर
- इंपोर्ट बिल बढ़ने की चिंता
इन सभी कारणों से बाजार में निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मंगलवार के शुरुआती कारोबार से यह साफ है कि बाजार फिलहाल ग्लोबल संकेतों पर निर्भर बना हुआ है।
- मिडिल ईस्ट का तनाव कम होता है या नहीं
- कच्चे तेल की कीमतें किस दिशा में जाती हैं
- विदेशी निवेशकों (FII) का रुख कैसा रहता है
ये सभी फैक्टर्स आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगे।
निष्कर्ष
भले ही बाजार ने दिन की शुरुआत सकारात्मक की हो, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां निवेशकों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर रही हैं। ऐसे में शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।
