FII Investment Update भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ सालों से एक दिलचस्प लेकिन चिंताजनक ट्रेंड देखने को मिल रहा है—विदेशी निवेशकों (FII) की कमाई लगभग ठप हो गई है। सितंबर 2021 के बाद से अब तक, यानी करीब 4.5 सालों में, डॉलर के हिसाब से उनका रिटर्न लगभग शून्य रहा है।
यह स्थिति केवल एक सामान्य उतार-चढ़ाव नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई बड़े global और domestic factors काम कर रहे हैं।
विदेशी निवेशकों को क्यों नहीं मिल रहा रिटर्न?
अगर हम गहराई से समझें, तो इसके पीछे कई अहम कारण हैं:
1. Global Geopolitical Tension
- खासकर West Asia (ईरान से जुड़ा तनाव)
- लगातार युद्ध जैसी स्थिति से global uncertainty बढ़ी
इससे निवेशकों का risk appetite कम हुआ और safe assets की तरफ रुख बढ़ा।
2. रुपए की कमजोरी (Rupee Depreciation)
- जब भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है
- तो विदेशी निवेशकों का रिटर्न घट जाता है
क्योंकि उनकी कमाई डॉलर में calculate होती है, इसलिए currency loss उनके profit को खा जाता है।

3. Crude Oil की बढ़ती कीमतें
- भारत एक बड़ा oil importer है
- Oil महंगा होने से inflation और fiscal pressure बढ़ता है
इसका सीधा असर stock market sentiment पर पड़ता है।
2026 में FII Selling का ट्रेंड
2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारी बिकवाली की है:
- कुल निकासी ₹1.6 लाख करोड़
- सिर्फ मार्च 2026 में ₹1.2 लाख करोड़ (रिकॉर्ड sell-off)
इतनी बड़ी selling ने market पर significant pressure बनाया है।
Dollar Terms में Nifty का हाल
- अगर Nifty 50 को डॉलर के हिसाब से देखें
- तो यह आज भी सितंबर 2021 के स्तर के आसपास है
इसका साफ मतलब है
पिछले 4.5 साल में विदेशी निवेशकों को लगभग कोई real return नहीं मिला।
Expert View क्या यह Negative Signal है?
DSP Mutual Fund की रिपोर्ट में expert Sahil Kapoor के अनुसार
यह पूरी तरह से negative नहीं ह
क्या हो रहा है?
- Market में overvaluation कम हो रहा है
- Stocks के prices realistic level पर आ रहे हैं
इसका फायदा क्या?
- Future में बेहतर investment opportunities बनेंगी
- Long-term investors को attractive valuations मिल सकते हैं
Market Insight Investor Strategy
अगर आप investor या trader हैं, तो इन बातों पर ध्यान दें
- Short-term volatility बनी रह सकती है
- FII selling से market pressure में रह सकता है
- लेकिन correction के बाद अच्छे buying opportunities बनते हैं
निष्कर्ष Conclusion
विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार पिछले 4.5 सालों से खास रिटर्न नहीं दे पाया है।
