मार्च 2026 में Inflation बढ़कर 3.4%: Food Prices बना मुख्य कारण
भारत में मार्च 2026 के दौरान Retail Inflation बढ़कर 3.4% हो गई, जो फरवरी में 3.2% थी। 13 अप्रैल को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस बढ़त की मुख्य वजह Food Prices में तेजी रही।
हालांकि राहत की बात यह है कि महंगाई अभी भी Reserve Bank of India के 4% target से नीचे बनी हुई है।
Food Inflation से बढ़ा दबाव
मार्च में Food Inflation बढ़कर 3.87% हो गई, जो फरवरी में 3.47% थी। इसका सीधा असर आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर पड़ा है।
- Rural Food Inflation 3.96%
- Urban Food Inflation 3.71%
यह संकेत देता है कि खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, खासकर गांवों में इसका असर ज्यादा है।
Rural vs Urban Inflation
महंगाई का असर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिला
- Rural CPI Inflation 3.63%
- Urban CPI Inflation 3.11%
इससे साफ है कि Rural Economy पर inflation का दबाव अधिक बना हुआ है।

CPI Index में बढ़ोतरी
मार्च में CPI Index बढ़कर 104.84 हो गया, जो फरवरी में 104.57 था।
- पिछले साल मार्च: 101.39
इससे यह स्पष्ट होता है कि सालाना आधार पर कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है।
किन Sectors में सबसे ज्यादा महंगाई
अलग-अलग सेक्टर्स में inflation का ट्रेंड इस प्रकार रहा
- Personal Care & Services 18.65% (सबसे ज्यादा)
- Pan & Tobacco 4.23%
- Food & Beverages 3.71%
- Clothing & Footwear 2.75%
- Housing, Electricity, Gas 1.97%
- Transport 0%
कुछ Commodities सस्ती भी हुईं
मार्च में कुछ जरूरी वस्तुओं के दाम घटे, जिससे थोड़ी राहत मिली
- Onion -27.76%
- Potato -18.98%
- Garlic -10.18%
- Arhar Dal -9.56%
- Peas/Chana -7.87%
कुछ Items में भारी उछाल
दूसरी तरफ कुछ commodities में तेज बढ़त दर्ज की गई
- Silver Jewellery 148.61%
- Gold & Diamond Jewellery 45.92%
- Coconut (Copra) 45.52%
- Tomato 35.99%
- Cauliflower 34.11%
यह दिखाता है कि market में price volatility अभी भी बनी हुई है।
राज्यों में Inflation का हाल
मार्च में कुछ राज्यों में महंगाई ज्यादा रही
- Telangana 5.83%
- Andhra Pradesh 4.05%
- Karnataka 3.96%
- Tamil Nadu 3.77%
- Rajasthan 3.64%
आगे का Outlook
आने वाले समय में inflation पर दबाव बढ़ सकता है।
West Asia में geopolitical tensions
Shipping और Insurance cost में बढ़ोतरी
Import cost में इजाफा
इन सभी factors का असर domestic prices पर देखने को मिल सकता है।
