LPG संकट का असर रेलवे पर, IRCTC ने ट्रेनों में शुरू की इंडक्शन कुकिंग
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत की रेलवे कैटरिंग सेवाओं तक पहुंच गया है। देशभर में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने ट्रेनों में भोजन तैयार करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है।
अब कई ट्रेनों में खाना गैस की बजाय बिजली से चलने वाले इंडक्शन स्टोव पर बनाया जा रहा है, ताकि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की बाधा न आए।
रोजाना 17 लाख यात्रियों को परोसता है IRCTC
भारतीय रेलवे की कैटरिंग सेवा देश की सबसे बड़ी फूड सर्विस नेटवर्क में से एक है।
प्रमुख आंकड़े
- प्रतिदिन लगभग 17 लाख यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
- रोजाना 17 लाख से अधिक मील्स सर्व की जाती हैं।
- देशभर में करीब 1,400 ट्रेनों में कैटरिंग सेवाएं संचालित होती हैं।
इतने बड़े नेटवर्क में LPG की कमी भोजन व्यवस्था को प्रभावित कर सकती थी, इसलिए IRCTC ने वैकल्पिक इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम अपनाया है।
LHB पैंट्री कारों में शुरू हुई इंडक्शन कुकिंग
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक LHB (Linke Hofmann Busch) पैंट्री कारों में इंडक्शन आधारित खाना पकाने की व्यवस्था तेजी से लागू की जा रही है।
यह तकनीक विशेष रूप से प्रीमियम ट्रेनों के लिए उपयुक्त मानी जा रही है।
जिन ट्रेनों में व्यवस्था लागू की जा रही है
- राजधानी एक्सप्रेस
- शताब्दी एक्सप्रेस
- दुरंतो एक्सप्रेस
- वंदे भारत एक्सप्रेस
इन ट्रेनों में बिजली आधारित कुकिंग सिस्टम से भोजन तैयार किया जा रहा है।
रेलवे स्टेशनों पर भी बढ़ेगा Electric Cooking का इस्तेमाल
IRCTC ने केवल ट्रेनों तक ही बदलाव सीमित नहीं रखा है।
रेलवे स्टेशनों पर मौजूद
- Food Plaza
- Refreshment Room
- Jan Aahar Centre
को भी इंडक्शन कुकर और माइक्रोवेव का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य LPG पर निर्भरता कम करना और भोजन आपूर्ति को लगातार बनाए रखना है।
आने वाले समय में 60% खाना बिजली से बन सकता है
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
अनुमान है कि
रेलवे की लगभग 60% भोजन तैयारी पूरी तरह Electric Cooking System पर शिफ्ट हो सकती है।
यह कदम न केवल LPG संकट से निपटने में मदद करेगा बल्कि आधुनिक और ऊर्जा-कुशल कुकिंग सिस्टम को भी बढ़ावा देगा।
रेलवे को रोजाना चाहिए 1000 कमर्शियल LPG सिलेंडर
रेलवे की विशाल कैटरिंग व्यवस्था को संचालित करने के लिए देशभर में स्थित
- Cluster Kitchen
- Base Kitchen
- Central Food Units
- Catering Centres
में प्रतिदिन लगभग 1000 Commercial LPG Cylinders की आवश्यकता होती है।
गैस आपूर्ति प्रभावित होने के कारण इस व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है।
ऑयल कंपनियों के साथ बढ़ाया गया समन्वय
LPG की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने प्रमुख ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाया है।
इनमें शामिल हैं
- Indian Oil
- Bharat Petroleum
- Hindustan Petroleum
रेलवे की कोशिश है कि प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल LPG सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रियों की भोजन सेवा प्रभावित न हो।
क्यों बढ़ रही है LPG की समस्या?
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण LPG की सप्लाई और कीमतों दोनों पर दबाव बना हुआ है।
इसके परिणामस्वरूप
- कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
- कई सेक्टर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रहे हैं।
- रेलवे ने भी Electric Cooking को अपनाकर इसी दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
यात्रियों पर क्या होगा असर?
रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।
यात्रियों के लिए सकारात्मक पहलू
- भोजन सेवा जारी रहेगी।
- गैस की कमी के बावजूद कैटरिंग प्रभावित नहीं होगी।
- इंडक्शन कुकिंग से खाना अधिक नियंत्रित तापमान पर तैयार किया जा सकेगा।
- इलेक्ट्रिक कुकिंग पर्यावरण के लिहाज से भी अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प मानी जाती है।
