Nifty Today Analysis 24,000 के नीचे फिसला तो बढ़ सकती है बिकवाली

Nifty Today Analysis 24,000 के नीचे

बुधवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन ऊपरी स्तरों पर एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। Nifty 50 ने गैप-अप ओपनिंग के बाद 24,220 का इंट्राडे हाई बनाया, लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका। आखिरकार इंडेक्स 26 अंकों की बढ़त के साथ 24,078 पर बंद हुआ, लेकिन 24,100 के नीचे क्लोजिंग ने बाजार में सतर्कता बढ़ा दी।

Nifty Technical Analysis 24,150–24,250 बना मजबूत Resistance Zone

तकनीकी चार्ट के अनुसार, 24,150 से 24,250 का दायरा फिलहाल Nifty के लिए मजबूत Resistance Zone बना हुआ है। पिछले कई कारोबारी सत्रों से इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल नहीं हो पाया है।

जब तक Nifty 24,200–24,250 के ऊपर क्लोजिंग नहीं देता, तब तक बाजार में ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। इस स्तर के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट मिलने पर ही तेजी की नई लहर शुरू होने की संभावना बनेगी।

24,000 का सपोर्ट क्यों है इतना अहम?

फिलहाल 24,000 का स्तर Nifty के लिए सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।

पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में खरीदारों ने इस स्तर को सफलतापूर्वक बचाया है, लेकिन हर बार ऊपरी स्तरों पर बिकवाली देखने को मिली है। यदि Nifty इस सपोर्ट के नीचे फिसलता है, तो बाजार में बड़ी बिकवाली शुरू हो सकती है।


24,000 टूटने पर क्या हो सकता है?

अगर Nifty 24,000 के नीचे क्लोजिंग देता है, तो सेलर्स की पकड़ मजबूत हो सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स पहले 23,800 के सपोर्ट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि 23,800 का स्तर पहले भी कई बार टेस्ट हो चुका है, इसलिए इसके कमजोर पड़ने की संभावना भी बनी हुई है। यदि यह स्तर भी टूटता है, तो बाजार में पैनिक सेलिंग देखने को मिल सकती है।

Bearish Scenario क्यों बढ़ सकता है दबाव?

तकनीकी संकेत बताते हैं कि:

  • 24,150–24,250 पर लगातार सप्लाई बनी हुई है।
  • 24,000 के आसपास सेलर्स की सक्रियता बढ़ रही है।
  • सपोर्ट टूटने पर बड़े वॉल्यूम के साथ सेल ऑर्डर सक्रिय हो सकते हैं।
  • कमजोर क्लोजिंग बाजार में नकारात्मक सेंटीमेंट को बढ़ा सकती है।

Trading Strategy निवेशक क्या करें?

मौजूदा चार्ट स्ट्रक्चर के अनुसार

  • 24,250 के ऊपर डेली क्लोजिंग आने तक नई लॉन्ग पोजीशन लेने से बचें।
  • यदि Nifty 24,000 के नीचे निकलता है, तो शॉर्ट ट्रेडिंग के अवसर बन सकते हैं।
  • शॉर्ट ट्रेड में 1 घंटे या 30 मिनट के पिछले स्विंग हाई को स्टॉप लॉस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • जोखिम प्रबंधन (Risk Management) का विशेष ध्यान रखें और ओवर-लेवरेज से बचें।

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