निफ्टी ने लगातार 10वें साल दिया पॉजिटिव रिटर्न

निफ्टी ने लगातार 10वें साल दिया पॉजिटिव रिटर्न

जनवरी का महीना भारतीय शेयर बाजार के लिए ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस दौरान अक्सर बिकवाली का दबाव देखने को मिलता है, खासतौर पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से। इसके बावजूद निफ्टी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है — लगातार 10वें साल पॉजिटिव रिटर्न दर्ज करना।

यह प्रदर्शन दिखाता है कि भले ही जनवरी में अस्थिरता रहती हो, लेकिन लंबी अवधि में बाजार की मजबूती बनी रहती है।


जनवरी महीना क्यों माना जाता है कमजोर?

पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी का महीना निवेशकों के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहा है।
इन 10 सालों में से 8 बार जनवरी में निफ्टी ने नेगेटिव रिटर्न दिया

सिर्फ दो साल —

  • 2017 +4.6%
  • 2018 +4.7%

— ऐसे रहे जब जनवरी में निफ्टी ने मजबूत तेजी दिखाई।


जनवरी में निफ्टी की बड़ी गिरावट कब आई?

जनवरी के दौरान निफ्टी में सबसे तेज गिरावट 2016 में देखने को मिली, जब इंडेक्स करीब 5% टूट गया

इसके अलावा

  • 2021 और 2023 करीब 2.5% गिरावट
  • 2020 1.7% की कमजोरी
  • 2019, 2022, 2024 और 2025 मामूली गिरावट (0.03% से 0.6% के बीच)

यह ट्रेंड साफ दिखाता है कि जनवरी में बाजार पर दबाव बना रहता है।


FII की जनवरी में लगातार बिकवाली का ट्रेंड

जनवरी महीने की कमजोरी की सबसे बड़ी वजह FII की भारी बिकवाली रही है।

पिछले 10 जनवरी महीनों में

  • 7 बार FII नेट सेलर रहे
  • सबसे ज्यादा बिकवाली
    • 2022 ₹33,303 करोड़
    • 2023 ₹28,852 करोड़
    • 2024 ₹25,744 करोड़

जनवरी 2025 में रिकॉर्ड बिकवाली

जनवरी 2025 में FII ने ₹78,027 करोड़ की जबरदस्त बिकवाली की, जो पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड स्तर रहा।

हालांकि कुछ अपवाद भी रहे

  • 2018, 2020 और 2021 में FII नेट बायर रहे
    लेकिन कुल मिलाकर साल की शुरुआत में विदेशी निवेशक सतर्क नजर आते हैं।

DII बने बाजार की मजबूती का सहारा

जहां FII बिकवाली करते हैं, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाते हैं।

पिछले 10 वर्षों में

  • 8 बार DII नेट बायर रहे
  • विदेशी बिकवाली को काफी हद तक absorb किया

DII का मजबूत रिकॉर्ड

  • 2022 ₹21,928 करोड़ की खरीद
  • 2023 ₹33,412 करोड़
  • 2024 ₹26,744 करोड़
  • जनवरी 2025 रिकॉर्ड ₹86,592 करोड़ का निवेश

DII की इस आक्रामक खरीदारी ने बाजार में स्थिरता बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाई।


निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

जनवरी में भले ही अस्थिरता और गिरावट देखने को मिलती हो, लेकिन

  • निफ्टी का लॉन्ग टर्म ट्रेंड अब भी मजबूत है
  • DII की भागीदारी बाजार के लिए positive संकेत देती है
  • FII बिकवाली के बावजूद बाजार खुद को संभालने में सक्षम है

निष्कर्ष

जनवरी का महीना ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण जरूर रहा है, लेकिन निफ्टी का लगातार 10वें साल पॉजिटिव रिटर्न देना यह साबित करता है कि भारतीय शेयर बाजार की बुनियाद मजबूत है।

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए हर गिरावट एक अवसर हो सकती है, बशर्ते सही रणनीति और धैर्य रखा जाए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top