निफ्टी 26000 के पार, एफआईआई की खरीदारी से बाजार में नई ऊर्जा
गुरुवार को Nifty 50 ने 26,000 के पार जाकर ट्रेड किया, जिसके बाद शुक्रवार को बाजार में हल्की प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली।
महीनों की बिकवाली के बाद अब विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे बाजार में नई मजबूती आई है।
एफआईआई और डीआईआई की गतिविधियां
24 अक्टूबर 2025 को Foreign Institutional Investors (FII) ने ₹621 करोड़ की नेट खरीदारी की,
जबकि Domestic Institutional Investors (DII) ने ₹173 करोड़ के शेयर खरीदे।
इस साल अब तक एफआईआई ने ₹2 लाख करोड़ से अधिक के शेयर बेचे हैं, जबकि डीआईआई ने ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा के शेयर खरीदे हैं।
यह डेटा साफ दिखाता है कि डीआईआई की मजबूत खरीदारी के चलते भारतीय बाजार FII की बिकवाली के बावजूद ऊंचाई पर बने हुए हैं।

दूसरी तिमाही के नतीजों पर नजर
अब निवेशकों की निगाहें दूसरी तिमाही (Q2 FY2025) के नतीजों पर हैं, जो अब तक उम्मीद से बेहतर रहे हैं।
इस सप्ताह कई दिग्गज कंपनियां जैसे —
PNB Housing, IOC, Coal India, Adani Power, Dabur, DLF, ITC, Manappuram Finance, BHEL और NTPC —
अपने तिमाही नतीजे घोषित करेंगी।
डिफेंस सेक्टर की कंपनियों मझगांव डॉक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के रिजल्ट्स भी फोकस में रहेंगे।
Nifty India Defence Index अब तक 2025 में 26% की शानदार बढ़त दर्ज कर चुका है, जिससे यह साल का टॉप-परफॉर्मिंग सेक्टर बना हुआ है।
क्रूड ऑयल में उछाल और ग्लोबल चिंताएं
रूसी तेल कंपनियों पर अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के नए प्रतिबंधों के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में 5% की तेजी आई है।
इससे ग्लोबल सप्लाई घटने और महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ गई है।
भारतीय रिफाइनरियाँ अब रूसी तेल के आयात में कटौती करने की तैयारी में हैं ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन किया जा सके।
हालांकि, यह कदम भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को आसान बना सकता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील उत्साह और सतर्कता
भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील अब अंतिम चरण में है, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ा है।
लेकिन वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत किसी भी प्रतिबंधात्मक शर्तों वाले समझौते में जल्दबाज़ी नहीं करेगा।
अगर भारत के पक्ष में यह डील होती है, तो भारतीय निर्यात पर लगे 50% तक के टैरिफ में कमी आने की संभावना है।
अमेरिकी मुद्रास्फीति और फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिका में ताजा मुद्रास्फीति आंकड़े उम्मीद से कम रहे, जिससे अमेरिकी बाजारों में तेजी आई है।
अब निवेशकों को उम्मीद है कि 28 अक्टूबर से शुरू होने वाली फेडरल रिजर्व बैठक में
ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की जा सकती है।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, दिसंबर और जनवरी में भी और रेट कट्स संभव हैं —
जो एक उदार मौद्रिक नीति की दिशा में बदलाव का संकेत देता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
निफ्टी का 26,000 के पार पहुंचना निवेशकों के भरोसे और एफआईआई की वापसी का संकेत है।
