भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कुछ स्टॉक्स ने स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन दिखाया, जिनमें से एक है सुजलॉन एनर्जी।
शुक्रवार के सत्र में Suzlon Energy का शेयर 0.6% की मामूली बढ़त के साथ ₹58 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से यह स्टॉक लगातार दबाव में है।

सुजलॉन एनर्जी का हालिया प्रदर्शन
- 1 महीने में स्टॉक में लगभग 12% की गिरावट।
- 1 साल में लगभग 24% की गिरावट।
- पिछले 5 साल में सुजलॉन एनर्जी ने 1500% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।
यानी शॉर्ट टर्म में दबाव है, लेकिन लॉन्ग टर्म में यह स्टॉक जबरदस्त रिटर्न दे चुका है।
गिरावट की वजहें क्या हैं?
- कंपनी के जून तिमाही के नतीजे ब्रोकरेज हाउस के अनुमान से कमजोर रहे।
- ग्रुप CFO के इस्तीफे ने धारणा पर नकारात्मक असर डाला।
- हाल की तिमाहियों में डिलीवरी में देरी।
- FY2026 में अब तक नए ऑर्डर फ्लो की धीमी गति (1 GW)।
एनालिस्ट्स का कहना है कि CFO का जाना बैलेंस शीट सुधार में उनकी अहम भूमिका को देखते हुए शॉर्ट टर्म में नकारात्मक हो सकता है।
ब्रोकरेज हाउस का नजरिया
- एक ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस ₹80 से घटाकर ₹78 कर दिया, लेकिन ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी।
- मोतीलाल ओसवाल सुजलॉन के बिजनेस आउटलुक को लेकर सकारात्मक है।
- FY2026 के Adjusted PAT अनुमान में 25% कटौती की गई है और 25% प्रभावी टैक्स रेट दर्शाया गया है।
- FY2027 के टैक्स रेट अनुमान को 12% पर संशोधित किया गया है।
शॉर्ट टर्म बनाम लॉन्ग टर्म – क्या है सही रणनीति?
- शॉर्ट टर्म कंपनी के CFO इस्तीफे, डिलीवरी में देरी और ऑर्डर फ्लो की धीमी गति से प्रेशर बना रह सकता है।
- लॉन्ग टर्म ब्रोकरेज हाउस का पॉजिटिव रुख और कंपनी का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड (1500% रिटर्न पिछले 5 सालों में) इसे एक संभावित लॉन्ग-टर्म स्टोरी बनाता है।
अगर आप शॉर्ट-टर्म ट्रेडर हैं तो सतर्क रहें। लॉन्ग-टर्म निवेशक के लिए स्टॉक अभी भी आकर्षक हो सकता है
निष्कर्ष
सुजलॉन एनर्जी में हाल की गिरावट चिंता का विषय है, लेकिन एनालिस्ट्स का मानना है कि लंबे समय में स्टॉक में संभावना बरकरार है।
