FII की लगातार बिकवाली भारतीय बाजार पर दबाव
भारतीय शेयर बाजार इस समय ऊंचे स्तरों पर बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FII) भारतीय बाजारों में लगातार बिकवाली कर रहे हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी 50 ओवरऑल हाई लेवल पर ट्रेड कर रहे हैं, लेकिन FII ने हाल के महीनों में भारत से भारी निकासी की है।
इसका सबसे बड़ा कारण है कि FII को AI बूम के चलते भारत की तुलना में अन्य उभरते बाजारों में बेहतर अवसर दिखाई दिए।
हालांकि अब तस्वीर बदल रही है — AI बबल फूटने का डर ग्लोबल निवेशकों को फिर से सताने लगा है।
AI बूम में डेंट ग्लोबल दिग्गज निवेशकों की चिंता
AI सेक्टर की तेज रफ्तार अब सवालों के घेरे में है।
ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन ने खुद स्वीकार किया है कि AI तकनीक के कुछ हिस्से जरूरत से ज्यादा हाइप्ड हैं।
कई दिग्गज निवेशक अब AI स्टॉक्स को लेकर सतर्क हो गए हैं

1. पीटर थील
प्रसिद्ध अरबपति निवेशक पीटर थील ने AI बबल की आशंका में Nvidia में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी।
2. माइकल बरी
2008 के अमेरिकी हाउसिंग क्रैश की भविष्यवाणी करने वाले माइकल बरी ने
AI कंपनियों के खिलाफ bearish bets लगाए हैं,
जिसमें करीब 10 लाख Nvidia शेयरों से जुड़े put options शामिल हैं।
AI स्टॉक्स में तेज बढ़त अब बबल जैसी दिखने लगी है, और उसी के चलते वैश्विक निवेशक सुरक्षित बाजारों की तलाश कर रहे हैं।
Google और Amazon के शीर्ष अधिकारियों की चेतावनी
- सुंदर पिचाई (CEO, Google)
उन्होंने कहा कि मौजूदा AI बूम में “बहुत कम लॉजिक” है। यदि AI बबल फूटा तो कई कंपनियां बड़ी मुश्किल में आ सकती हैं। - जेफ बेजोस (Founder, Amazon)
उन्होंने AI को “इंडस्ट्रियल बबल” कहा और चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में किया गया भारी निवेश डूब सकता है।
इन बयानों ने ग्लोबल निवेशकों में डर बढ़ा दिया है, जिसका असर Emerging Markets पर भी पड़ रहा है।
भारत पर इसका वास्तविक असर क्या शुरू होगा Reverse AI Trade?
पिछले एक साल में FII ने भारत से जो पैसा निकाला, उसके अधिकांश हिस्से को कोरिया और ताइवान की ओर मोड़ा गया।
इन दोनों देशों के बाजार सेमीकंडक्टर और AI स्टॉक्स की वजह से outperform कर रहे थे।
लेकिन अब AI बूम में डेंट आने के चलते निवेशक फिर से नए सुरक्षित बाजार ढूंढ सकते हैं —
और भारत को Reverse AI Trade का बड़ा लाभ मिल सकता है।
क्यों भारत को फायदा हो सकता है?
- भारत का वैल्यूएशन अब भी स्थिर और आकर्षक है
- घरेलू निवेशक मजबूत सपोर्ट दे रहे हैं
- Nifty 50 AI ट्रेड के कारण underperform था, अब इसमें रिवर्सल आ सकता है
- ग्लोबल फंड्स जोखिम कम करने के लिए भारत जैसे diversified बाजार चुन सकते हैं
यदि AI ट्रेड कमज़ोर पड़ता है, तो भारत में दोबारा FII inflow बढ़ सकता है और निफ्टी-सेंसेक्स को नई रफ्तार मिल सकती है।
क्या भारत की रौनक लौट सकती है?
साल 2025 के अधिकांश समय में भारत के इंडेक्स का प्रदर्शन एशियाई टेक-महाशक्तियों ताइवान और दक्षिण कोरिया से कमजोर रहा।
लेकिन स्थिति बदल सकती है:
- यदि AI बबल वास्तव में फूटा
- अगर AI सेक्टर में मुनाफावसूली बढ़ी
- यदि ग्लोबल निवेशक सुरक्षित और स्थिर बाजार देखें
तो भारत आने वाले महीनों में FII के लिये सबसे बड़ा आकर्षण बन सकता है।
