2025 में स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड्स क्यों रहे कमजोर?
साल 2025 स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हुआ। जहां पिछले कुछ वर्षों में स्मॉल कैप फंड्स ने शानदार रिटर्न दिए थे, वहीं 2025 में इस कैटेगरी में तेज करेक्शन देखने को मिला।
Asset Elixir के फाउंडर और Certified Financial Planner (CFP) शिवम पाठक ने ETMutualFunds से बातचीत में बताया कि स्मॉल कैप फंड्स इस समय सुधार (Correction) के दौर से गुजर रहे हैं, जो बढ़े हुए वैल्यूएशन का स्वाभाविक नतीजा है।
वैल्यूएशन और कमाई बनी गिरावट की बड़ी वजह
Choice Wealth के अक्षत गर्ग के अनुसार, स्मॉल कैप शेयर अपने पीक पर लगभग 36x PE रेशियो पर ट्रेड कर रहे थे, जबकि इनका लॉन्ग-टर्म औसत करीब 28x रहा है।
इसका सीधा मतलब यह है कि स्मॉल कैप शेयरों की कीमतें जरूरत से ज्यादा बढ़ चुकी थीं।
समस्या तब और बढ़ गई जब Q2 FY26 में
- स्मॉल कैप कंपनियों की कमाई सिर्फ 1.5% बढ़ी
- जबकि मिड-कैप कंपनियों की कमाई 7%–8% तक बढ़ गई
कमजोर अर्निंग ग्रोथ के चलते बाजार को निराशा हुई और स्मॉल कैप शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।

2025 में स्मॉल कैप फंड्स का प्रदर्शन कैसा रहा?
- अब तक स्मॉल कैप फंड्स ने औसतन –4.62% का निगेटिव रिटर्न दिया
- इस कैटेगरी के 29 में से 27 फंड्स नुकसान में रहे
- सिर्फ 2 स्मॉल कैप फंड्स ही पॉजिटिव रिटर्न दे पाए
हालांकि, आंकड़े यह भी बताते हैं कि स्मॉल कैप में लगातार दो साल निगेटिव रिटर्न आने की संभावना सिर्फ 14% होती है, यानी आगे रिकवरी की संभावना ज्यादा रहती है।
गिरावट के बावजूद SIP बंद करनी चाहिए या नहीं?
अक्षत गर्ग का मानना है कि भले ही स्मॉल कैप फंड्स का परफॉर्मेंस फिलहाल कमजोर है, लेकिन SIP को जारी रखना चाहिए।
यही वह समय होता है जब SIP की असली ताकत सामने आती है।
उनके अनुसार:
- इस समय निवेशक 2024 के मुकाबले 30%–40% सस्ते वैल्यूएशन पर यूनिट्स खरीद रहे हैं
- SIP सिर्फ तब रोकनी चाहिए जब आपकी रिस्क लेने की क्षमता बदल जाए
- सिर्फ बाजार गिरने की वजह से SIP रोकना गलत फैसला हो सकता है
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 2015–2018 के दौरान स्मॉल कैप करीब 23% तक गिरे थे, लेकिन जिन्होंने उस दौरान SIP जारी रखी, उन्हें 2023–2024 में करीब 93% का रिटर्न मिला।
उनका साफ कहना है
अनुशासन ही लंबी अवधि में वेल्थ बनाने की सबसे बड़ी कुंजी है।
2026 के लिए Large Cap vs Small Cap आउटलुक
कोटक म्यूचुअल फंड के MD निलेश शाह के अनुसार, 2025 में
- लार्ज कैप
- मिड कैप
- स्मॉल कैप
इन तीनों के प्रदर्शन में काफी बड़ा अंतर देखने को मिला।
उन्हें उम्मीद है कि 2026 में यह अंतर कम होगा, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भारतीय बाजार का वैल्यूएशन पहले ही ऐतिहासिक स्तरों से ऊपर है, इसलिए तेज उछाल आसान नहीं होगा।
वहीं, शिवम पाठक का कहना है कि
- स्मॉल कैप अब भी लार्ज कैप के मुकाबले महंगे हैं
- आगे के रिटर्न पूरी तरह कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ पर निर्भर करेंगे
उनके अनुसार
- Large Cap Funds 2026 के लिए ज्यादा सुरक्षित विकल्प हैं
- स्मॉल कैप में मौका है, लेकिन चुनिंदा और अस्थिर (volatile) निवेश की जरूरत होगी
निष्कर्ष निवेशकों को क्या करना चाहिए?
- 2025 में स्मॉल कैप फंड्स कमजोर रहे, लेकिन यह साइक्लिकल करेक्शन है
- SIP निवेशकों के लिए यह समय लॉन्ग-टर्म अवसर बन सकता है
- रिस्क प्रोफाइल के अनुसार लार्ज कैप और स्मॉल कैप में संतुलन बनाना जरूरी है
बाजार में शोर से ज्यादा जरूरी है अनुशासन और धैर्य।
