Household Savings का बदलता ट्रेंड Bank Deposits से Market Investments की ओर बढ़ते भारतीय

भारत में बदल रहा है Household Savings का ट्रेंड: Bank Deposits से Market Investments की ओर बढ़ रहे निवेशक

भारत में निवेश की आदतों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां ज्यादातर लोग अपनी बचत Bank Deposits में रखते थे, वहीं अब निवेशक धीरे-धीरे Mutual Funds, PMS और AIF जैसे Market-Linked Products की ओर बढ़ रहे हैं।

हाल ही में आयोजित Moneycontrol Global Wealth Summit में V. Vaidyanathan ने कहा कि भारत में Household Savings का पैटर्न तेजी से बदल रहा है और निवेशक अपने Portfolio को Diversify करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।


तेजी से बढ़ रहा है भारत का Financial Asset Base

V. Vaidyanathan के अनुसार भारत का Household Financial Asset Base अब लगभग 19.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।

यह संकेत देता है कि देश में Financialisation तेजी से बढ़ रही है, यानी लोग अब अपनी बचत को सिर्फ बैंक में रखने के बजाय विभिन्न Financial Instruments में निवेश कर रहे हैं।

हालांकि नए Investment Products के आने के बावजूद Bank Deposits अभी भी Savings Ecosystem का बड़ा हिस्सा बने हुए हैं।


Bank Deposits अभी भी सबसे भरोसेमंद विकल्प

भारतीय परिवारों के Bank Accounts में अभी भी लगभग 150 लाख करोड़ रुपये जमा हैं।

इसके अलावा पिछले 10 वर्षों में Bank Deposits करीब 2.6 गुना बढ़कर लगभग 240 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं।

यह दर्शाता है कि भारत की Banking System अभी भी बचत के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बनी हुई है।


Mutual Funds में तेजी से बढ़ रहा निवेश

भारत में Mutual Funds की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।

पिछले कुछ वर्षों में Mutual Funds में कुल निवेश लगभग 7 गुना बढ़कर करीब 80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

इससे साफ संकेत मिलता है कि Capital Markets में Retail Investors की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।


PMS और AIF में भी बड़ा विस्तार

Market-Linked Investments के अन्य सेगमेंट में भी तेज वृद्धि देखने को मिल रही है।

  • Portfolio Management Services का बाजार लगभग 7 गुना बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये से 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
  • वहीं Alternative Investment Funds का बाजार लगभग 12 गुना बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

यह दर्शाता है कि भारतीय निवेशक अब Advanced Investment Products में भी तेजी से रुचि दिखा रहे हैं।


Generational Wealth Transfer से बदल रहा Wealth Landscape

विशेषज्ञों के अनुसार भारत के Wealth Landscape में एक बड़ा बदलाव Generational Wealth Transfer की वजह से भी आ रहा है।

जब परिवारों में संपत्ति एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होती है, तो नए निवेशक शुरुआत में Traditional Savings Products चुनते हैं और धीरे-धीरे Market Investments की ओर बढ़ने लगते हैं।


Wealth Management Services की बढ़ती मांग

इस बदलते निवेश ट्रेंड को देखते हुए कई Financial Institutions अपनी Wealth Management Services का विस्तार कर रहे हैं।

इसका उद्देश्य निवेशकों को बेहतर Investment Planning, Portfolio Diversification और Long-Term Wealth Creation के विकल्प उपलब्ध कराना है।

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