Middle East तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशक रिकवरी की उम्मीद में होल्ड कर रहे स्टॉक
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। Iran, Israel और United States के बीच जारी संघर्ष ने ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।
लगातार गिरावट के बावजूद कई निवेशक अपने स्टॉक बेचने से बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि किसी भी समय मिडिल ईस्ट से कोई सकारात्मक खबर आने पर बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है।
निफ्टी 23200 के नीचे, कई सेक्टर में भारी बिकवाली
शुक्रवार को बाजार में उतार-चढ़ाव भरे सत्र के दौरान सबसे ज्यादा गिरावट मेटल, ऑटोमोबाइल और फाइनेंशियल सेक्टर में देखने को मिली। भारी बिकवाली के कारण Nifty 50 23200 के महत्वपूर्ण स्तर से भी नीचे फिसल गया।
लगातार तीन ट्रेडिंग सेशन में तेज गिरावट के कारण बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है और निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।
Crude Oil की तेजी से बाजार पर दबाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष का असर Crude Oil की कीमतों पर भी पड़ा है। तेल की कीमतों में तेजी आने से ग्लोबल इकॉनमी पर दबाव बढ़ता है, जिसका असर इक्विटी मार्केट पर भी देखने को मिलता है।
तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे Inflation और Import Bill बढ़ने का खतरा रहता है।

मार्केट में बनी रह सकती है Volatility
Sudeep Shah ने SBI Securities की ओर से मार्केट की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि फिलहाल बाजार मंदी की चपेट में है और आने वाले समय में Volatility बनी रह सकती है।
उनके अनुसार United States और Iran के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों के भरोसे को काफी हद तक प्रभावित किया है।
जून 2022 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट
पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार में गिरावट लगातार तेज हुई है। इसके चलते Nifty 50 में पूरे सप्ताह के दौरान 5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो जून 2022 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है।
इस दौरान खासकर ऑटोमोबाइल और बैंकिंग स्टॉक्स में ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।
बाजार को सकारात्मक खबर का इंतजार
फिलहाल निवेशकों की नजर मिडिल ईस्ट से आने वाली खबरों पर टिकी हुई है। अगर तनाव कम होने या युद्ध विराम जैसी कोई सकारात्मक खबर आती है, तो बाजार में तेज शॉर्ट कवरिंग और रिकवरी देखने को मिल सकती है।
हालांकि जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है।
