Aequs के शेयर में क्यों आई जोरदार तेजी?

Aequs के शेयर में क्यों आई जोरदार तेजी?

स्मॉलकैप एयरोस्पेस कंपनी Aequs Ltd के शेयरों में 9 जुलाई को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में शानदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 7% उछलकर ₹274.39 के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

पिछले तीन कारोबारी दिनों में यह स्टॉक 18% से अधिक चढ़ चुका है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह ब्रोकरेज फर्म IIFL Capital की सकारात्मक रिपोर्ट और कंपनी पर दी गई ‘Buy’ रेटिंग मानी जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और शेयर में खरीदारी बढ़ गई।

मार्केट कैप में ₹2,850 करोड़ से ज्यादा का इजाफा

शेयर में आई तेजी का असर कंपनी के बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) पर भी देखने को मिला।

तेज उछाल के बाद Aequs का मार्केट कैप ₹18,402 करोड़ के पार पहुंच गया। हालांकि दिन के कारोबार में ऑल टाइम हाई छूने के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली और यह अपने उच्च स्तर से नीचे आ गया। इसके बावजूद दोपहर के कारोबार में स्टॉक लगभग 2% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।

IIFL Capital ने क्यों दी ‘Buy’ रेटिंग?

IIFL Capital ने पहली बार Aequs Ltd पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए स्टॉक को ‘Buy’ रेटिंग दी है और ₹320 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि Aequs भारत की इकलौती ऐसी कंपनी है जो एयरोस्पेस कंपोनेंट्स के निर्माण में Vertically Integrated Precision Manufacturing Model पर काम करती है।

इस मॉडल के तहत कंपनी—

  • कंपोनेंट्स का निर्माण
  • हाई-प्रिसिजन मशीनिंग
  • फिनिशिंग
  • असेंबली

जैसी पूरी प्रक्रिया एक ही इकोसिस्टम के भीतर संचालित करती है। इससे गुणवत्ता, लागत नियंत्रण और समय पर डिलीवरी में कंपनी को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलती है।

अब Consumer Electronics में भी बढ़ा रही कारोबार

Aequs केवल एयरोस्पेस सेक्टर तक सीमित नहीं रहना चाहती।

कंपनी अब अपनी एडवांस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का उपयोग Consumer Electronics जैसे बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार में भी कर रही है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि इस विस्तार से कंपनी के राजस्व स्रोत और अधिक विविध होंगे, जिससे आने वाले वर्षों में ग्रोथ को मजबूती मिल सकती है।

FY31 तक RoCE में बड़ा सुधार संभव

IIFL Capital का अनुमान है कि Aequs वित्त वर्ष 2031 (FY31) तक लगभग 20% Return on Capital Employed (RoCE) हासिल कर सकती है।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मौजूदा समय में स्टॉक का वैल्यूएशन थोड़ा महंगा दिखाई देता है, लेकिन कंपनी की—

  • मजबूत बिजनेस मॉडल
  • उच्च प्रवेश बाधाएं (High Entry Barriers)
  • वैश्विक ग्राहक आधार
  • लंबी अवधि की विकास संभावनाएं

इसे उचित ठहरा सकती हैं।

इस कारोबार में नई कंपनियों के लिए क्यों मुश्किल है एंट्री?

ब्रोकरेज के अनुसार एयरोस्पेस प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग ऐसा उद्योग है, जहां नई कंपनियों के लिए जगह बनाना आसान नहीं होता।

इसके पीछे कई कारण हैं—

  • भारी पूंजी निवेश (Capital Investment)
  • अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन
  • ग्राहकों से मंजूरी मिलने में कई वर्षों का समय
  • अत्याधुनिक इंजीनियरिंग विशेषज्ञता
  • सुरक्षा और सर्टिफिकेशन से जुड़े कड़े नियम

इन सभी क्षमताओं को विकसित करने में वर्षों नहीं बल्कि कई दशक लग सकते हैं। यही कारण है कि इस उद्योग में स्थापित कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है।

Airbus और Boeing जैसी दिग्गज कंपनियां हैं ग्राहक

Aequs की सबसे बड़ी ताकत इसका वैश्विक ग्राहक नेटवर्क है।

कंपनी की भारत में मशीनिंग से लेकर असेंबली तक पूरी तरह इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज मौजूद हैं। इसके अलावा अमेरिका और फ्रांस में भी कंपनी की रणनीतिक मौजूदगी है।

इसी वजह से Aequs को दुनिया की प्रमुख विमान निर्माता कंपनियों का भरोसा हासिल है।

कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में शामिल हैं

  • Airbus
  • Boeing
  • Safran
  • Collins Aerospace
  • Spirit AeroSystems
  • Honeywell

इन वैश्विक कंपनियों के साथ लंबे समय से काम करना Aequs की तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।

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