ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेश का उछाल

ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेश का उछाल म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 8.5% तक पहुंची

त्योहारी सीजन और GST में मिली राहत ने भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर को फिर से निवेशकों के फोकस में ला दिया है। म्यूचुअल फंड्स ने इस सेक्टर में निवेश बढ़ाकर अपनी हिस्सेदारी 8.5% तक पहुंचा दी है, जो पिछले 10 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।


Motilal Oswal रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की जुलाई 2025 की रिपोर्ट बताती है कि म्यूचुअल फंड्स का ऑटो सेक्टर में अलोकेशन जुलाई में 8% था। अगस्त 2024 में यह आंकड़ा 8.6% था, यानी सालाना आधार पर 10 बेसिस प्वाइंट की गिरावट देखी गई। इसके बावजूद, हाल के महीनों में निवेशक GST कटौती और मांग बढ़ने का फायदा उठाकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी होल्डिंग बढ़ा रहे हैं।


सितंबर-अक्टूबर में बढ़ा निवेश

त्योहारी सीजन और टैक्स राहत ने सितंबर और अक्टूबर में निवेश को नई ऊंचाई दी। अगस्त में इस सेक्टर का निवेश 8.5% तक पहुंच गया, जो पिछले महीने से 0.5% ज्यादा था। BSE 200 इंडेक्स में भी ऑटो सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 8% दर्ज की गई।


कौन-कौन से फंड्स आगे हैं?

कई बड़े म्यूचुअल फंड्स—जैसे आदित्य बिड़ला सन लाइफ, एक्सिस, कैनरा रोबेको, DSP, ICICI प्रूडेंशियल, मिरे एसेट, सुंदरम और UTI—ने इस सेक्टर में 8% से ज्यादा निवेश किया है।

  • HDFC और PPFAS म्यूचुअल फंड ने तो ऑटो सेक्टर में 11% से ज्यादा हिस्सेदारी ली हुई है।
  • मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प, और बजाज ऑटो जैसे दिग्गज ऑटोमोबाइल ब्रांड्स में भी म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग बढ़ी है।
    • उदाहरण के तौर पर, मारुति सुजुकी में निवेश 2.3% बढ़कर 4.62 करोड़ शेयर तक पहुंच गया।

GST कटौती और मार्केट इम्पैक्ट

GST कटौती से छोटी कारों और टू-व्हीलर्स के दाम कम हुए हैं, जिससे मांग में उछाल आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मांग बढ़ने से डिस्काउंट्स कम होंगे और कंपनियों के मुनाफे में बढ़ोतरी होगी। इससे ऑटो सेक्टर के शेयरों की कीमतों में तेजी आने की उम्मीद है। कमर्शियल व्हीकल (CV) सेक्टर को भी GST कटौती का फायदा मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था में खपत और CV बिक्री दोनों में सुधार होगा।


फंड्स का प्रदर्शन और रिटर्न्स

ऑटो सेक्टर पर निवेश करने वाले लगभग 12 म्यूचुअल फंड्स सक्रिय हैं। इनमें से कुछ को फंड मैनेजर्स एक्टिव रूप से मैनेज करते हैं, जबकि कुछ बाजार के रुझानों के हिसाब से चलते हैं।

  • पिछले तीन महीनों में ये फंड्स 29% तक का रिटर्न दे चुके हैं।
  • मिरे एसेट ग्लोबल का इलेक्ट्रिक और सेल्फ-ड्राइविंग कारों में निवेश करने वाला फंड 29% रिटर्न के साथ सबसे आगे रहा।
  • निप्पॉन इंडिया के एक फंड ने 18% रिटर्न दिया।
  • पिछले छह महीनों में ऑटो सेक्टर वाले फंड्स ने औसतन 25% से ज्यादा रिटर्न दिया है।
  • इस दौरान ICICI प्रूडेंशियल का एक फंड 30% रिटर्न के साथ सबसे सफल रहा, जबकि ग्रोव का फंड लगभग 21% रिटर्न तक सीमित रहा।

अन्य सेक्टर्स पर नजर

मंथली आधार पर देखा जाए तो ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर, टेलीकॉम, रिटेल और मीडिया सेक्टर में निवेश बढ़ा है। वहीं, प्राइवेट बैंक, हेल्थकेयर, ऑयल & गैस और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश थोड़ा घटा है।

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