अवधूत साठे पर SEBI की कार्रवाई क्या है पूरा मामला?

अवधूत साठे पर SEBI की कार्रवाई क्या है पूरा मामला?

पुणे के मशहूर फिनफ्लुएंसर अवधूत साठे सिर्फ ट्रेडिंग क्लासेस के लिए नहीं, बल्कि अपने अनोखे अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। लेक्चर के दौरान नाचना, बड़े स्क्रीन पर चार्ट्स दिखाना और छात्रों को स्टेज पर बुलाना उनकी पहचान है। लेकिन अब वे SEBI की जांच के दायरे में हैं।


करजत में SEBI का छापा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 अगस्त की सुबह SEBI ने करजत स्थित उनकी ट्रेडिंग अकादमी में छापा मारा

  • यह कार्रवाई डेप्युटी जनरल मैनेजर की अगुवाई में हुई।
  • SEBI उन फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स पर सख्ती कर रहा है जो बिना लाइसेंस निवेश या ट्रेडिंग की सलाह देते हैं
  • इस मामले पर इकोनॉमिक टाइम्स ने SEBI से प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।

18,000 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग दे चुके हैं साठे

  • अवधूत साठे ने अब तक 18,000 से ज्यादा लोगों को ट्रेडिंग सिखाई
  • वे हिंदी, मराठी और अंग्रेजी में कोर्स ऑफर करते हैं।
  • इनके कोर्स की कीमत मार्केट में मौजूद कई ट्रेनर्स की तुलना में कम होती है।
  • 52 साल के अवधूत साठे इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं और उन्होंने ट्रेडिंग को सिर्फ करियर नहीं, बल्कि देश के लिए गर्व की बात बताया है।
  • उनका कहना है कि ट्रेडिंग आर्थिक युद्ध में सबसे बड़ा हथियार है

अमेरिका से भारत वापसी और ट्रेडिंग का सफर

  • साठे का बचपन मुंबई के दादर के चॉल में गुजरा।
  • इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियों में नौकरी की।
  • सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में रहने के बाद वे भारत लौटे।
  • ट्रेडिंग की शुरुआत में उन्हें लाभ और नुकसान दोनों का अनुभव हुआ।
  • इसके बाद उन्हें समझ आया कि ट्रेडिंग सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि मनोविज्ञान का खेल है
  • 2007 में IT की नौकरी छोड़कर उन्होंने ट्रेडिंग और ट्रेनिंग को करियर बना लिया।

अवधूत साठे ट्रेडिंग अकादमी (ASTA) का विस्तार

  • 2008 में पहला सेमिनार सिर्फ 12 लोगों के साथ हुआ था।
  • आज ASTA पूरे भारत में हजारों छात्रों को ट्रेनिंग देती है।
  • कोर्स चार महीने के चार भागों में होता है।
  • फीस: ₹18,000, जिसमें लाइव ट्रेडिंग, मेंटरशिप और टेक्निकल एनालिसिस शामिल हैं।

SEBI क्यों सख्त हुआ?

SEBI का उद्देश्य बिना लाइसेंस वाले मार्केट ट्रेनर्स और फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स पर कार्रवाई करना है।
पहले लोग साठे के अनोखे अंदाज को मजेदार मानते थे, लेकिन अब सवाल है कि क्या वे नियमों के हिसाब से काम कर रहे हैं या नहीं

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