Budget 2026 F&O Trading पर सरकार की सख्ती
F&O Trading की बढ़ती लोकप्रियता और इसमें हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए Finance Minister Nirmala Sitharaman ने Budget 2026 में बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने Futures & Options (F&O) ट्रांजैक्शन पर लगने वाले Securities Transaction Tax (STT) को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
इस फैसले को Derivatives Market में सट्टेबाज़ी पर लगाम लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
STT Rate में क्या बदलाव किए गए?
वित्त मंत्री ने लोकसभा में STT से जुड़े बदलावों की जानकारी दी
- Futures पर STT
0.02% से बढ़ाकर 0.05% - Options Premium पर STT
0.10% से बढ़ाकर 0.15% - Options Exercise पर STT
0.125% से बढ़ाकर 0.15%
इन बदलावों का सीधा असर Derivatives Trading की लागत पर पड़ेगा।
Market Reaction Brokerage Stocks में भारी गिरावट
STT बढ़ोतरी की घोषणा के बाद बाजार में तुरंत नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली
- दोपहर 12:30 बजे तक BSE शेयर करीब 14% टूट गया
- Angel One और Nuvama जैसे Brokerage Stocks में लगभग 10% की गिरावट
- NSE Capital Market Index करीब 6% फिसल गया
इससे साफ संकेत मिलता है कि बाजार इस फैसले को लेकर पहले से ही सतर्क था।

सरकार का मकसद Volume Control या Revenue Boost?
Market को STT में कुछ बदलावों की उम्मीद जरूर थी, लेकिन इस बढ़ोतरी ने साफ कर दिया कि सरकार Cash Market को सपोर्ट देने के लिए Derivatives Trading पर दबाव बनाना चाहती है।
SEBI Study के मुताबिक
- 10 में से 9 Individual Traders को F&O Trading में नुकसान हुआ
इसी डेटा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि
Excessive Speculative Trading पर कंट्रोल किया जा सके।
Expert View Kotak Securities
Kotak Securities के MD और CEO Shripal Shah के अनुसार
- STT बढ़ने से Traders, Hedgers और Arbitrageurs की
Impact Cost बढ़ेगी - इसका असर Derivatives Activity और Trading Volume पर पड़ सकता है
उनका मानना है कि सरकार का उद्देश्य Revenue बढ़ाने से ज्यादा Volume Control करना है।
Fund Manager Opinion Green Portfolio PMS
Green Portfolio PMS के Co-Founder और Fund Manager Divam Sharma का कहना है
- STT में बढ़ोतरी भले ही छोटी लगे, लेकिन यह
Policy Direction को साफ दिखाती है - सरकार अचानक सख्त कदम उठाने के बजाय
Speculative Activity पर लगातार नजर रखना चाहती है
उनके अनुसार, फिलहाल इसका Brokerage Earnings पर असर सीमित ही रह सकता है।
SEBI Data Derivatives Market में पहले से ही सुस्ती
SEBI Bulletin (January 2026) के अनुसार
- दिसंबर 2025 में Equity Derivatives Market में गिरावट दर्ज की गई
- NSE और BSE में:
- Equity Futures ADT में 11% की गिरावट (MoM)
- Options Premium ADT में 8% की गिरावट (MoM)
हालांकि सालाना आधार पर:
- Options Premium ADT में 11% की बढ़ोतरी
- Equity Futures ADT में 5% की गिरावट रही
Conclusion F&O Craze पर धीरे-धीरे ब्रेक
कुल मिलाकर, STT में यह बढ़ोतरी सरकार की उस रणनीति को दर्शाती है, जहां वह
Excessive F&O Trading और Retail Speculation को कंट्रोल करना चाहती है।
आने वाली तिमाहियों में यह साफ होगा कि यह फैसला
Market Volume, Tax Revenue और Retail Participation पर कितना प्रभाव डालता है।
