Delhivery Q1 FY27 Results मुनाफा 65% घटा, Revenue 28% बढ़ा; सोमवार को शेयर पर नजर

Delhivery Q1 FY27 Results मुनाफा 65% घटा, Revenue 28% बढ़ा; सोमवार को शेयर पर नजर

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery के लिए वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हुई, लेकिन बढ़ती लागत के कारण मुनाफे पर दबाव देखने को मिला।

Delhivery ने शनिवार, 8 अगस्त को Q1 FY27 के नतीजे जारी किए। जून तिमाही में कंपनी का Net Profit सालाना आधार पर 65% घटकर ₹31.9 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹91.1 करोड़ था।

हालांकि, कंपनी के Operations से Revenue 28% बढ़कर ₹2,930.7 करोड़ हो गया। Q1 FY26 में यह ₹2,294 करोड़ था।

Revenue बढ़ा, लेकिन Profit में बड़ी गिरावट

Delhivery की पहली तिमाही में Revenue Growth मजबूत रही, लेकिन खर्च बढ़ने के कारण इसका फायदा मुनाफे में नहीं दिखा।

कंपनी के प्रमुख आंकड़े:

  • Revenue ₹2,930.7 करोड़, सालाना आधार पर +28%
  • Net Profit ₹31.9 करोड़, सालाना आधार पर -65%
  • EBITDA ₹142.2 करोड़, सालाना आधार पर -4%
  • EBITDA Margin 4.9%
  • Total Expenses ₹3,011.6 करोड़, सालाना आधार पर +29%

एक साल पहले कंपनी का EBITDA ₹148.8 करोड़ और EBITDA Margin 6.5% था।

बढ़ते खर्च ने दबाया मुनाफा

जून तिमाही में Delhivery का Total Expense 29% बढ़कर ₹3,011.6 करोड़ हो गया। Q1 FY26 में यह ₹2,326.6 करोड़ था।

वहीं, मार्च 2026 में समाप्त पिछली तिमाही में कंपनी का Total Expense ₹2,853.1 करोड़ रहा था।

कंपनी के मुताबिक, पहली तिमाही में कई वजहों से Operating Costs बढ़े। मौसम से जुड़ी परेशानियों के कारण कर्मचारियों की उपलब्धता में उतार-चढ़ाव रहा। इसके अलावा Geopolitical Uncertainty और Labour Code में बदलाव का भी ऑपरेशंस पर असर पड़ा।

Service Quality बनाए रखने के लिए कंपनी ने अतिरिक्त Staff तैनात किया और Network Capacity बढ़ाई। इससे तिमाही के दौरान लागत पर दबाव बढ़ा।

Fuel Cost बढ़ने का भी असर

पहली तिमाही के दौरान Global Crude Oil Prices में बढ़ोतरी का असर भी कंपनी की लागत पर पड़ा।

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ Crude से जुड़े अन्य खर्च भी बढ़े। हालांकि, Delhivery के कुछ Customer Contracts में Fuel Cost बढ़ने पर Service Pricing को संशोधित करने का प्रावधान मौजूद है।

कंपनी ने इन प्रावधानों को लागू करना शुरू कर दिया है। कुछ Contracts में इसका असर करीब एक महीने की देरी से आता है। इसलिए कंपनी को उम्मीद है कि बढ़ी हुई Fuel Cost का पूरा प्रभाव Q2 FY27 में दिखाई देगा।

चार राज्यों में बढ़ी Minimum Wage ने बढ़ाई Labor Cost

Delhivery ने बताया कि हरियाणा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और पंजाब में Minimum Wages बढ़ने से Labor Cost में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई।

इसका असर कंपनी के पूरे नेटवर्क के साथ-साथ हरियाणा के तारू और कर्नाटक के होसकोटे स्थित प्रमुख Operational Centers पर भी पड़ा।

बढ़ती लागत को संभालने के लिए कंपनी ने Customer Contracts में Pricing Revision की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कंपनी के अनुसार, यह प्रक्रिया Q2 FY27 तक जारी रहने की उम्मीद है।

Service EBITDA Margin में हल्का सुधार

कुल EBITDA और EBITDA Margin में गिरावट के बावजूद कंपनी के Service EBITDA Margin में हल्का सुधार देखने को मिला।

Q1 FY27 में Service EBITDA Margin 13.1% रहा, जबकि Q1 FY26 में यह 13.0% था।

कंपनी ने कहा है कि मौजूदा Cost Pressure के बावजूद Medium और Long Term में Margin बढ़ाने की उसकी रणनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में Revenue Growth और Pricing Adjustments के जरिए बढ़ी हुई लागत के प्रभाव को कम किया जा सकेगा।

Delhivery Share Price पर भी रहेगी नजर

नतीजों से पहले यानी 7 अगस्त को Delhivery का शेयर 1.90% की तेजी के साथ ₹472.40 पर बंद हुआ था।

स्टॉक का हालिया प्रदर्शन

  • 1 महीना -5.86%
  • 6 महीने +8.91%
  • 2026 में अब तक +17.92%
  • 1 साल +1.67%

शनिवार को भारतीय शेयर बाजार बंद होने के कारण Q1 FY27 Results का तत्काल असर शेयर कीमत में दिखाई नहीं दिया।

अब निवेशकों की नजर सोमवार, 10 अगस्त को बाजार खुलने पर रहेगी। खासतौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बाजार Revenue Growth को ज्यादा महत्व देता है या Profit और EBITDA Margin में आई गिरावट को।

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

Delhivery के Q1 FY27 Results से एक तरफ मजबूत Revenue Growth दिखाई देती है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती Operating Costs कंपनी के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

आने वाली तिमाहियों में कंपनी के लिए तीन चीजें खास तौर पर महत्वपूर्ण रहेंगी—Pricing Revision, Fuel Cost Recovery और Labor Cost Management

अगर कंपनी बढ़ी हुई लागत का बड़ा हिस्सा ग्राहकों से वसूलने और Revenue Growth को बनाए रखने में सफल रहती है, तो आने वाली तिमाहियों में Profitability पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर अगले कुछ तिमाही नतीजों में ही स्पष्ट होगा।

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