Dividend Yield Stocks हाई डिविडेंड लेकिन धीमी रफ्तार वाले शेयर

Dividend Yield Stocks हाई डिविडेंड लेकिन धीमी रफ्तार वाले शेयर

भारतीय शेयर बाज़ार में कई ऐसी कंपनियां हैं, जो अपने निवेशकों को हाई डिविडेंड यील्ड तो देती हैं, लेकिन उनके शेयर प्राइस की रफ्तार धीमी रहती है।
वेदांता लिमिटेड, हिंदुस्तान ज़िंक, कोल इंडिया, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

ऐसे स्टॉक्स रखने वाले निवेशक ज़्यादातर इस बात से संतुष्ट रहते हैं कि उन्हें नियमित डिविडेंड मिलता है, भले ही शेयर प्राइस में तेज़ी कम देखने को मिले।


डिविडेंड और कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी

  • अगर कोई लार्जकैप कंपनी डिविडेंड ज्यादा देती है, तो कई बार उसे इसके लिए कर्ज़ उठाना पड़ता है। इससे कंपनी पर Debt to Equity Ratio बढ़ जाता है।
  • इसके विपरीत कुछ कंपनियां डिविडेंड कम देकर कमाई का बड़ा हिस्सा फ्यूचर प्रोजेक्ट्स और R&D में लगाती हैं।
  • इसका फायदा यह होता है कि कंपनी की अर्निंग्स (Earnings) बढ़ती हैं और शेयर प्राइस में तेज़ी आती है, जिससे निवेशकों की होल्डिंग वैल्यू डिविडेंड से कहीं ज्यादा बढ़ती है।

PSU Stocks और Dividend Policy

अधिकतर Public Sector Undertakings (PSUs) अपने निवेशकों को हाई डिविडेंड देने के लिए जाने जाते हैं।

  • लेकिन ग्रोथ के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ जैसी बड़ी कंपनी डिविडेंड देने में पीछे है।
  • रिलायंस का डिविडेंड यील्ड सिर्फ 0.40% है।
  • इसका मतलब है कि लगभग ₹1400 प्राइस वाले शेयर पर कंपनी सालाना केवल ₹5.50 प्रति शेयर डिविडेंड देती है।

Vedanta Dividend Yield Example

  • वेदांता लिमिटेड का शेयर प्राइस वर्तमान में ₹471.50 है।
  • पिछले 12 महीनों में कंपनी ने ₹31.50 प्रति शेयर इक्विटी डिविडेंड घोषित किया है।
  • इस हिसाब से Vedanta की डिविडेंड यील्ड 6.68% बनती है।

Dividend Yield कैसे कैलकुलेट होती है?

Dividend Yield निकालने का फ़ॉर्मूला:

Dividend Yield (%) = (Annual Dividend ÷ Current Share Price) × 100

उदाहरण
Vedanta Ltd ने ₹31.50 का सालाना डिविडेंड दिया है और शेयर प्राइस ₹471.50 है।
= (31.50 ÷ 471.50) × 100 = 6.68% Dividend Yield


डिविडेंड क्या है?

  • डिविडेंड किसी कंपनी के Net Profit का हिस्सा होता है, जिसे कंपनी अपने निवेशकों के बीच बांटती है।
  • यह आमतौर पर कैश (Cash Dividend) के रूप में सीधे निवेशक के बैंक अकाउंट में आता है।
  • कभी-कभी कंपनी इक्विटी के रूप में भी डिविडेंड (Bonus Shares) देती है।
  • चूँकि डिविडेंड प्रॉफिट से ही दिया जाता है, इसका मतलब है कि कंपनी प्रॉफिटेबल है

निष्कर्ष

हाई Dividend Yield वाले स्टॉक्स निवेशकों को नियमित कैश फ्लो देते हैं, लेकिन इनका शेयर प्राइस अक्सर धीमी रफ्तार से बढ़ता है। वहीं, कम Dividend देने वाली ग्रोथ कंपनियां R&D और प्रोजेक्ट्स पर खर्च कर शेयर प्राइस में तेज़ी दिखाती हैं। इसलिए निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में Dividend + Growth दोनों तरह के स्टॉक्स संतुलित रूप से शामिल करने चाहिए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top