Divorce सिर्फ Emotional नहीं, Financial Shock भी
तलाक सिर्फ रिश्ते को तोड़ता नहीं, बल्कि जिंदगी को आर्थिक रूप से भी हिला देता है। यह आपकी सालों की मेहनत की कमाई और Savings को खत्म कर सकता है। कई बार Alimony और Legal Fees चुकाने के लिए कर्ज तक लेना पड़ जाता है।
Survey Findings
1 Finance Magazine की एक Study में टियर 1 और टियर 2 शहरों के 1,258 तलाकशुदा और तलाक की प्रक्रिया से गुजर रहे लोगों को शामिल किया गया।
- पुरुष तलाक के बाद अपनी Income का औसतन 38% Maintenance Payment पर खर्च करते हैं।
- 49% पुरुषों ने बताया कि उन्होंने तलाक पर ₹5 लाख से ज्यादा खर्च किया।
- 42% पुरुषों को Alimony और Legal Expenses के लिए Loan लेना पड़ा।
- 29% पुरुषों की Networth सेटलमेंट के बाद Negative हो गई।

Expert Advice
अदिति मोहनी (वकील, बॉम्बे हाईकोर्ट और फैमिली कोर्ट मुंबई) का सुझाव है कि शादी से पहले ही पार्टनर्स को आर्थिक नियम तय कर लेने चाहिए
- Income Sharing का तरीका लिखित रूप में तय होना चाहिए।
- Joint Account से सभी Common खर्च पूरे हों।
- अगर कोई पार्टनर कमाई नहीं कर रहा, तो उसके नाम पर Assets या Insurance होना चाहिए।
- Divorce से पहले सभी Assets, Loans, Income Details इकट्ठी करें और जरूरी Documents की कॉपी सुरक्षित रखें।
- शुरू से ही Family Lawyer और Financial Planner की मदद लें।
Marriage में Financial Disputes
Survey से यह भी पता चला
- 67% लोगों के रिश्तों में पैसों को लेकर झगड़े होते थे।
- 43% लोगों ने वित्तीय असमानता को अलगाव की मुख्य वजह बताया।
दीपिका नारायण भारद्वाज (Founder, Ekdum Nyay Foundation) कहती हैं –
“शादी में पैसा बड़ी भूमिका निभाता है और इसी वजह से रिश्ते जल्दी टूट जाते हैं।”
Divorce Budgeting Tips
Financial Counseling लें – एक Financial Planner से Strategy बनवाएँ।
Divorce Emergency Fund बनाएँ – कम से कम 6 महीने का खर्च Liquid Cash में रखें।
नया Monthly Budget बनाएं – Zero-Based Budgeting अपनाएँ।
Loan Repayment पर ध्यान दें – Balance Transfer और Prepayment से EMI का बोझ घटाएँ।
Retirement Savings बचाएँ – PF या Long-Term Investment से पैसे निकालने से बचें।
