सोने की कीमत में आई बड़ी गिरावट
दिवाली के ठीक बाद भारतीय बाजारों में सोने की कीमत में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है।
जहां दिवाली से पहले के एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड का भाव ₹5,780 बढ़ा था, वहीं अब सिर्फ एक हफ्ते में ₹5,240 की गिरावट देखी गई है।
18 अक्टूबर यानी धनतेरस से लगातार सोने के दाम नीचे आ रहे हैं।
राजधानी दिल्ली में अब 24 कैरेट गोल्ड ₹1,25,770 प्रति 10 ग्राम, जबकि 22 कैरेट गोल्ड ₹1,15,300 प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है।
Delhi में Gold Price (26 अक्टूबर 2025)
| शुद्धता | भाव (₹/10 ग्राम) |
|---|---|
| 24 Carat | ₹1,25,770 |
| 22 Carat | ₹1,15,300 |
Mumbai, Chennai और Kolkata में सोने के भाव
| शहर | 22 Carat (₹/10g) | 24 Carat (₹/10g) |
|---|---|---|
| मुंबई | ₹1,15,150 | ₹1,25,620 |
| चेन्नई | ₹1,15,150 | ₹1,25,620 |
| कोलकाता | ₹1,15,150 | ₹1,25,620 |

अन्य प्रमुख शहरों में सोने के रेट (26 अक्टूबर 2025)
| शहर | 22 Carat (₹/10g) | 24 Carat (₹/10g) |
|---|---|---|
| अहमदाबाद | ₹1,15,150 | ₹1,25,670 |
| हैदराबाद | ₹1,15,150 | ₹1,25,620 |
| जयपुर | ₹1,15,300 | ₹1,25,770 |
| भोपाल | ₹1,15,150 | ₹1,25,670 |
| लखनऊ | ₹1,15,300 | ₹1,25,770 |
| चंडीगढ़ | ₹1,15,300 | ₹1,25,770 |
Silver Price में भी आई भारी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जोरदार गिरावट देखी गई है।
पिछले एक सप्ताह में Silver ₹17,000 प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है।
26 अक्टूबर को चांदी का भाव ₹1,55,000 प्रति किलोग्राम रहा।
विदेशी बाजारों में भी दबाव दिखा —
Silver Spot Price $1.66 गिरकर $48.12 प्रति औंस रह गया है।
लंदन मार्केट में पहले जो Silver Shortage थी, वह अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
क्यों घट रही है सोने-चांदी की कीमतें?
- डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से गोल्ड प्राइस पर दबाव आया है।
- इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड ETF से आउटफ्लो देखने को मिला।
- घरेलू बाजार में डिमांड कमजोर पड़ने से त्योहारी बाद कीमतों में गिरावट आई है।
निष्कर्ष निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट शॉर्ट-टर्म करेक्शन हो सकती है।
दिवाली के बाद यदि इंटरनेशनल मार्केट में स्थिरता लौटती है तो सोने की कीमतों में फिर से उछाल देखने को मिल सकता है।
दीर्घकालिक निवेशक अब इस गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख सकते हैं, जबकि अल्पकालिक ट्रेडर्स को वोलैटिलिटी पर नज़र रखनी चाहिए।
