Domestic Stock Market में Defence Stocks की रफ्तार तेज — ₹79,000 करोड़ के नए कॉन्ट्रैक्ट्स से जोश
Defence Stocks में जबरदस्त तेजी, बाकी सेक्टर्स में गिरावट
घरेलू Stock Market में आज भले ही Selling Pressure देखने को मिला,
लेकिन Defence Sector के शेयरों में शानदार उछाल दर्ज किया गया।
Defence Acquisition Council (DAC) ने करीब ₹79,000 करोड़ के
कई बड़े Army Contracts को मंजूरी दी है,
जिसके बाद Defence Stocks में तेज़ी देखी गई।
Bharat Dynamics, BEL, GRSE, Cochin Shipyard, Paras Defence, BEML, Mazagon Dock और Mishra Dhatu Nigam
के शेयरों में 3% तक की तेजी आई।
2025 में Defence Stocks का प्रदर्शन
| कंपनी | साल 2025 में रिटर्न |
|---|---|
| Garden Reach Shipbuilders | +63% |
| Bharat Dynamics | +39% |
| Bharat Electronics (BEL) | +43.89% |
| Cochin Shipyard | +19% |
| BEML | +9% |
Defence Stocks लगातार निवेशकों के फेवरिट बने हुए हैं,
और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स की बाढ़ से इनकी Revenue Visibility और Order Books में बड़ी मजबूती दिख रही है।

कौन सी कंपनियों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?
ICICI Direct Research के मुताबिक,
इस ₹79,000 करोड़ के Defence Contracts से सबसे ज्यादा फायदा
Bharat Dynamics, Bharat Electronics (BEL) और
Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) को होगा।
प्रमुख Defence Projects
- Bharat Dynamics: हल्के वजन वाली Torpedo और Nag Missile Systems बनाती है।
- BEL: Ground-Based Mobile ELINT System (GBMES) का निर्माण करती है।
- BEML: High Mobility Vehicles (HMVs) और Material Handling Cranes बनाती है।
- GRSE: 30mm Naval Surface Gun (NSG) तैयार करती है।
इन प्रोजेक्ट्स से कंपनियों की Order Book मजबूत होगी,
साथ ही Revenue Growth और Profit Margins में सुधार की उम्मीद है।
Operation Sindoor के बाद दूसरा बड़ा Defence Decision
Operation Sindoor के बाद Defence Acquisition Council (DAC) की यह मंजूरी
देश के रक्षा क्षेत्र के लिए दूसरा बड़ा ऐतिहासिक फैसला मानी जा रही है।
साथ ही Ministry of Defence (MoD) ने नया
Defence Procurement Manual (DPM) जारी किया है,
जिसका फोकस Defence Procurement को तेज, पारदर्शी और सरल बनाना है।
New DPM (Defence Procurement Manual) में क्या बदलाव हुए हैं?
नए नियमों में कई Ease of Doing Business से जुड़े सुधार किए गए हैं, जैसे कि:
- Delayed Deliveries पर राहत:
पहले सभी देरी पर Liquidated Damages (LD) लगाया जाता था,
अब सिर्फ अत्यधिक देरी वाले मामलों में ही अधिकतम 10% LD लागू होगा। - Indigenous Projects को बढ़ावा:
पहले 0.5% प्रति सप्ताह LD लगता था,
अब इसे घटाकर सिर्फ 0.1% प्रति सप्ताह कर दिया गया है। - Decision-Making Speed बढ़ाना:
Tender Approval और Clearance प्रक्रियाओं को
Simplify और Digitize किया जा रहा है। - Regulatory Processes आसान बनाए गए हैं,
ताकि Defence Manufacturing Sector में निवेश को बढ़ावा मिल सके।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत का Defence Sector 2025 में Growth Mode पर है।
₹79,000 करोड़ के नए कॉन्ट्रैक्ट्स, नए DPM सुधार और सरकारी प्रोत्साहन
इस सेक्टर को लंबी अवधि में मजबूत बना रहे हैं।
